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​1 करोड़ की कोडीन कफ सिरप बरामद, तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

​1 करोड़ की कोडीन कफ सिरप बरामद, तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

लखनऊ, अमृत विचार। यूपी एसटीएफ की प्रयागराज इकाई ने अंतरराज्यीय स्तर पर कथित रूप से अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार, 27 सितंबर की रात एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 19,338 सीसी ओनरेक्स ब्रांड कफ सिरप और अलगअलग ब्रांड की 61,600 जेनेरिक दवाओं की टैबलेट बरामद हुईं।

बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टाटा नेक्सॉन कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है। यह हुए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी, निवासी अयोध्या, हाल निवासी सुलेम सराय प्रयागराज; अंकेश कुमार, निवासी जयरामपुर, सूबेदारगंज; और अमित प्रजापति, निवासी जयरामपुर, सूबेदारगंज के रूप में हुई है।

मकान में डंप की जाती थी दवाएं

एसटीएफ के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप की बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी क्रम में प्रयागराज फील्ड इकाई की टीम अभिसूचना संकलन में जुटी थी।

सूचना मिलने पर एसटीएफ ने सहायक पुलिस आयुक्त धूमनगंज तथा औषधि विभाग के अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में भारत गैस के पास कटहुला गौसपुर स्थित एक मकान में तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कफ सिरप और विभिन्न नामों की टैबलेट मिलने पर तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। 

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह दिल्ली से कोडीनयुक्त कफ सिरप और जेनेरिक दवाएं फर्जी दस्तावेजों व बिल्टी के जरिए प्रयागराज और वाराणसी की फर्मों के नाम पर मंगाता था। इसके बाद दवाओं को किराये के मकान में डंप किया जाता था। 

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्य कफ सिरप की शीशियों पर अंकित बैच नंबर को ग्राइंडर से मिटा देते थे, ताकि सप्लायर की पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद सिरप को बोरियों में भरकर कार के जरिए कथित रूप से थोक कारोबारियों तथा स्थानीय बाजारों के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जाता था। मामले में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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