Shravasti flood: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में राप्ती नदी के उफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. नदी खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जमुनहा क्षेत्र के बीरपुर, ऐंठा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. हालात यह हैं कि ग्रामीणों के घरों के साथसाथ प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न हो गए हैं. कई परिवार अपने घरों की छतों और सड़कों के किनारे तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बताए जा रहे हैं. कई घरों के अंदर कमर तक पानी भर गया है. घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू सामान पानी में डूब गया है. पानी भरने के कारण चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं. ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने भोजन और पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है.
घर की छतों पर रह रहे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बढ़े जलस्तर के कारण उन्हें घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. कई परिवारों ने घर की छतों पर शरण ले रखी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाढ़ के बीच उन्हें पर्याप्त राहत और बचाव सहायता नहीं मिल पा रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, प्रशासन के अधिकारी प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर चुके हैं, जिसके बाद अब उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है. एक पीड़ित ग्रामीण ने बताया कि घर में पूरा पानी भर गया है और चूल्हा तक डूब चुका है. बच्चों के लिए खाना बनाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित गांवों तक नाव और राहत सामग्री पहुंचाने की जरूरत है.
प्रशासन अलर्ट
वहीं, प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है. एसडीएम रवि प्रताप सिंह के मुताबिक, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उनके अनुसार, कई गांवों में पानी का स्तर धीरेधीरे घट रहा है और प्रशासन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं.
भोजनपीने के पानी की समस्या
बाढ़ के कारण गांवों की सामान्य दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है. सड़कें और रास्ते पानी में डूबने से आवागमन भी बाधित है. प्राथमिक विद्यालयों में पानी भरने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत व्यवस्था पर है. प्रभावित परिवारों की मांग है कि उन्हें भोजन, पीने का पानी, दवाएं और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए. वहीं, जलस्तर में और बढ़ोतरी की स्थिति में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.
रिपोर्ट अम्मार रिजवी/ श्रावस्ती



