TrendingUttar Pradesh

​राज्यसभा चुनाव : नए चेहरों को अवसर दे सकती है भाजपा, सामाजिक समीकरणों पर रहेगा जोर

​राज्यसभा चुनाव :  नए चेहरों को अवसर दे सकती है भाजपा, सामाजिक समीकरणों पर रहेगा जोर

लखनऊ, अमृत विचार : भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की 10 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीतिक मंथन में जुटी है और अटकलें है कि पार्टी कार्यकाल पूरा कर रहे अपने वर्तमान सदस्यों की जगह कुछ नये चेहरों को भी मौका दे सकती है। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी , राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ओर  राजवीर सिंह राजू को मौका दिया जा सकता है। 

हालांकि बातचीत में सभी का मानना है कि भाजपा उम्मीदवारों की सूची अंतत: पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा और नामों को लेकर कोई ठोस अनुमान लगाना कठिन है । उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की इन 10 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार छह अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि है, सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और नौ अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान आवश्यक होने पर 16 अक्टूबर को कराया जायेगा। राज्य से जिन 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें से अभी आठ पर भाजपा तथा एकएक सीट पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास हैं। 

विधान सभा की वर्तमान दलीय स्थिति में इन सीटों के नतीजे मुख्य रूप से भाजपा और सपा के निर्णयों से तय होंगे। बसपा के लिए उच्च सदन में अपने एक मात्र सदस्य रामजी गौतम को अपने बूते पुन: भेज पाना संभव नहीं है क्योंकि 403 सीटों वाली विधान सभा में इस समय पार्टी का एक भी सदस्य नहीं है। भाजपा के चर्चित नामों में पार्टी की केंद्रीय टीम में महासचिव स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया है। उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। पार्टी के नेता डॉ. दिनेश शर्मा के अंडमाननिकोबार का उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद राज्यसभा में उनकी जगह खाली हो गयी है। इस सीट के लिए हरीश द्विवेदी के नाम की चर्चा है। पिछले कुछ समय में संगठन में उनकी भूमिका बढ़ी है और उन्हें बिहार तथा कर्नाटक का प्रभारी भी बनाया गया है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव के साथसाथ सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखा जा सकता है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने बताया कि राज्य सभा सीटों को लेकर जल्दी ही शीर्ष नेतृत्व की ओर से घोषणा की जाएगी।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की तरफ़ से अपनी नई टीम और राज्यों के प्रभारियों के नाम का एलान किया गया था। इन दोनों फैसलों में यह बात सामने आई थी कि पार्टी ने नए चेहरों को मौका दिया। इसी तरह अब ये कयास लगाये जा रहे हैं कि पुराने चेहरों के साथ कुछ नए चेहरों पर पार्टी दांव लगा सकती है। राज्य विधान सभा की कुल सीटों के हिसाब से 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक उम्मीदवार को कम से कम 38 वोटों की जरुरत होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास करीब 295 और समाजवादी पार्टी के खेमे में 102 सदस्य हैं। राज्य से मौजूदा सदस्य अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी. एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। डॉ. दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के कारण 11 सितंबर से रिक्त है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply