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‘मीठी बातें, शादी का झांसा और फिर मौत… 11 महिलाओं की हत्या का आरोपी, 101 कत्ल के बाद बनना चाहता था संन्यासी’

‘मीठी बातें, शादी का झांसा और फिर मौत… 11 महिलाओं की हत्या का आरोपी, 101 कत्ल के बाद बनना चाहता था संन्यासी’

बांग्लादेश के अपराध इतिहास में रोसु खान का नाम एक ऐसे कुख्यात सीरियल किलर के तौर पर दर्ज है, जिस पर गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने और उनकी हत्या करने के गंभीर आरोप लगे थे। उसका निशाना खास तौर पर गारमेंट फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाएं थीं।

सबसे हैरान करने वाली बात उसके कथित मंसूबे को लेकर सामने आई। पुलिस पूछताछ में उसने 11 महिलाओं की हत्या की बात कबूल करने के साथ कथित तौर पर बताया कि उसका लक्ष्य 101 महिलाओं की हत्या करना था। इसके बाद वह किसी सूफी मजार पर जाकर बाकी जिंदगी एक संन्यासी की तरह बिताना चाहता था।

लेकिन उसका यह खौफनाक इरादा पूरा होने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

छोटी-मोटी चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर

रोसु खान बांग्लादेश के चांदपुर जिले का रहने वाला था। बताया जाता है कि अपराध की दुनिया में उसका शुरुआती कदम छोटी-मोटी चोरियों से पड़ा था। बाद में उसका नाम गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आने लगा।

पुलिस और अदालत में पेश किए गए मामले के मुताबिक, वह खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था। सावर और टोंगी जैसे औद्योगिक इलाकों में गारमेंट फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाएं उसके निशाने पर रहती थीं।

बताया गया कि उसकी शिकार महिलाओं की उम्र करीब 16 से 35 वर्ष के बीच थी।

शादी का झांसा देकर बनाता था भरोसा

रोसु खान कथित तौर पर महिलाओं से बातचीत के दौरान खुद को भरोसेमंद दिखाता था। वह शादी का वादा करता और रिश्ते को लेकर ऐसी बातें करता, जिससे सामने वाली महिला को उस पर विश्वास हो जाए।

पुलिस के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाकर वह महिलाओं को उनके परिचित इलाकों से दूर सुनसान जगहों पर ले जाता था।

चांदपुर के आसपास नदी किनारे, खेतों और दूसरे निर्जन इलाकों में ले जाने के बाद उनके साथ यौन हिंसा करने और फिर हत्या करने के आरोप उस पर लगे।

जांच में कुछ मामलों में पीड़ित महिलाओं के शरीर पर चोट और काटने के निशान मिलने की बात भी सामने आई थी।

पहली हत्या का खुलासा भी चौंकाने वाला था

पूछताछ के दौरान रोसु खान ने कथित तौर पर बताया कि उसकी पहली शिकार उसके अपने बहनोई की पत्नी थी। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या 2007 में हुई थी।

इसके बाद वह लगातार महिलाओं को निशाना बनाता रहा। एक के बाद एक घटनाओं के बावजूद लंबे समय तक उसका अपराध सामने नहीं आ सका।

उसका तरीका इतना चालाक बताया गया कि वह महिलाओं को पहले भरोसे में लेता और फिर उन्हें ऐसी जगह ले जाता, जहां उनके बच निकलने की संभावना बेहद कम होती।

मस्जिद से पंखा चोरी करना पड़ा भारी

रोसु खान के पकड़े जाने की कहानी भी उसके अपराधों जितनी ही अजीब बताई जाती है।

7 अक्टूबर 2009 को पुलिस ने उसे एक मस्जिद से पंखा और लाउडस्पीकर चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। शुरुआत में मामला सिर्फ चोरी का था, लेकिन पुलिस पूछताछ के दौरान उसके मुंह से एक हत्या से जुड़ी बात निकल गई।

इसके बाद पुलिस ने उससे गहराई से पूछताछ की और जांच का दायरा बढ़ाया गया।

रिमांड के दौरान पूछताछ में उसने कथित तौर पर कई महिलाओं की हत्या की जानकारी दी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने अलग-अलग मामलों को आपस में जोड़ना शुरू किया और उसके खिलाफ हत्या के कई मामले सामने आए।

11 महिलाओं की हत्या का कबूलनामा

पुलिस के अनुसार, रोसु खान ने कुल 11 महिलाओं की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। इनमें कई महिलाएं गारमेंट फैक्ट्रियों में काम करती थीं।

उसके कथित कबूलनामे में सबसे चौंकाने वाली बात उसका 101 हत्याओं का लक्ष्य बताया जाना था। पुलिस के मुताबिक, वह 101 महिलाओं की हत्या के बाद किसी सूफी मजार पर जाकर संन्यासी जैसा जीवन बिताने की योजना बना रहा था।

हालांकि, यह कथित योजना पूरी होने से पहले ही वह कानून की गिरफ्त में आ गया।

अदालत में चला मुकदमा

रोसु खान के खिलाफ अलग-अलग हत्याओं को लेकर कई मामले दर्ज हुए। इनमें गारमेंट वर्कर शाहिदा की हत्या का मामला भी शामिल था।

अदालत में अभियोजन पक्ष ने गवाहों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर अपना पक्ष रखा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से रोसु खान को पेशेवर सीरियल किलर बताया गया।

बाद में चांदपुर की जिला एवं सत्र अदालत ने शाहिदा से जुड़े दुष्कर्म और हत्या के मामले में उसे मौत की सजा सुनाई। उसके साथ जुड़े दो अन्य लोगों को भी अलग मामलों में मृत्युदंड दिए जाने की जानकारी सामने आई।

इस तरह जिस शख्स पर 101 हत्याओं के खौफनाक लक्ष्य की बात सामने आई थी, उसका अपराध का सिलसिला पुलिस की गिरफ्तारी और अदालत के फैसले के साथ खत्म हो गया।

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