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​बाराबंकी में 350 साल पुरानी समाधि सरयू में समाई, खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर बह रही नदी

​बाराबंकी में 350 साल पुरानी समाधि सरयू में समाई, खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर बह रही नदी

बाराबंकीः सरयू नदी ने बाराबंकी में एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी और तेज बहाव के चलते नदी खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। रामनगर क्षेत्र का हेतमापुर गांव लगातार भीषण कटान की चपेट में है। नदी का बढ़ता जलस्तर अब गांव की आबादी के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी खतरा बन गया है।

सोमवार देर रात करीब 11 बजे हेतमापुर गांव में बाबा नारायण दास मंदिर के सामने स्थित करीब 350 साल पुरानी समाधि देखते ही देखते सरयू में समा गई। ग्रामीणों के मुताबिक कटान इतनी तेज थी कि समाधि महज 11 सेकंड में नदी के तेज बहाव में विलीन हो गई। इससे पहले इसी गांव में करीब 150 साल पुरानी मस्जिद भी सरयू की कटान का शिकार होकर नदी में समा चुकी है।

हेतमापुर में सरयू की कटान लगातार गांव की ओर बढ़ रही है। अब तक तीन दर्जन से ज्यादा मकान नदी में बह चुके हैं, जबकि कई अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी के लगातार बढ़ते दायरे को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। गांव में रहने वाले लोगों के बीच हर पल घर और जमीन नदी में समा जाने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार गांव की तरफ बढ़ रहा है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि देखते ही देखते जमीन का बड़ा हिस्सा नदी में समा जा रहा है। ऐसे में लोग अपने घरों को बचाने की कोशिश के साथसाथ सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जुटे हैं।

नदी इस समय खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इससे रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। खेत, रास्ते और आबादी के आसपास पानी फैलने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिर और आबादी को बचाने के लिए कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनकी हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए हैं।

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