
Pitru Paksha 2026: घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाते समय दिशा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीर लगाने के लिए दक्षिण दिशा को उचित माना गया है. दक्षिण दिशा का संबंध यम देव और पूर्वजों से होता है.
उज्जैन. हिंदू धर्म में पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का विशेष समय माना जाता है. इस दौरान लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं. पितृपक्ष की अवधि में कई परिवार अपने पूर्वजों की तस्वीर रखकर उनकी पूजा भी करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर घर में रखने के लिए उचित स्थान का ध्यान रखना चाहिए. गलत दिशा या स्थान पर तस्वीर लगाने से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की मान्यता है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि पूर्वजों की तस्वीर घर में किस जगह लगानी चाहिए.
कई बार पूर्वजों की तस्वीर लगाने में लोग गलती कर बैठते हैं, जिससे घर में तमाम तरह की नकारात्मकता आने लगती है और वजह हमें पता नहीं चल पाती. वास्तु शास्त्र में पूर्वजों की तस्वीर लगाने के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं. अगर इन नियमों का पालन करते हैं, तो पूर्वज हमसे खुश होंगे. साथ ही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा. इसके अलावा भूलकर भी तस्वीर की अनदेखी न करें.
पितरों की फोटो लगाने से पहले जानें नियम
वास्तु शास्त्र में पूर्वजों की तस्वीर लगाने को लेकर कुछ विशेष नियम बताए गए हैं. माना जाता है कि पितरों की तस्वीर को जीवित व्यक्ति की तस्वीर के साथ नहीं रखना चाहिए. इसे बेडरूम, रसोई या पूजा घर में लगाने से भी बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गलत स्थान पर तस्वीर रखने से घर का माहौल प्रभावित हो सकता है और पितरों की नाराजगी मानी जाती है. जिस स्थान पर पूर्वजों की तस्वीर रखी हो, वहां शाम के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है.



