
चीनी हमारी डाइट का अहम हिस्सा है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन वजन बढ़ने, डायबिटीज और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। आजकल सेहत और फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता की वजह से लोग सफेद चीनी (Refined Sugar) के बेहतर और सेहतमंद विकल्प तलाश कर रहे हैं। बाजार में गुड़, शहद, देसी खांड और स्टिविया (Stevia) जैसे कई विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें अक्सर ‘हेल्दी Sweeteners’ के रूप में पेश किया जाता है। हालांकि, अधिकांश लोग इस भ्रम में रहते हैं कि क्या चीनी छोड़कर गुड़ या शहद का सेवन करने से कैलोरी और ब्लड शुगर लेवल पर कोई असर नहीं पड़ता, या फिर स्टिविया जैसे प्लांट बेस्ड स्वीटनर रोज़ाना इस्तेमाल करना सुरक्षित है या नहीं।
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) ने बताया हर प्राकृतिक या कृत्रिम मीठास का शरीर के मेटाबॉलिज्म (Metabolism) और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) के आधार पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, गुड़ में मिनरल्स होते हैं लेकिन कैलोरी चीनी जितनी ही होती है, वहीं स्टिविया कैलोरी-फ्री होने के बावजूद हर किसी की पाचन क्रिया के अनुकूल नहीं होता। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि चीनी,गुड़,शहद और स्टीविया में से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है।
सफेद चीनी को मिली सबसे कम रेटिंग
एक्सपर्ट हंसा योगेंद्र ने बताया वो सफेद चीनी को 10 मे से 1 रेटिंग देंगी। इस सफेद मिठास में अत्यधिक रिफाइंड होता है और इसका सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इस रिफाइंड चीनी का सेवन करने से बॉडी को किसी तरह का कोई फायदा नहीं होता। रिफाइंड शुगर को कई प्रोसेसिंग स्टेप्स से गुजारा जाता है। इसमें मुख्य रूप से सुक्रोज होता है। इसमें फाइबर, विटामिन या मिनरल्स जैसे पोषक तत्व बहुत कम मात्रा में होते हैं। इस चीनी का सेवन करने से तेजी से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है।किसी हेल्दी इंसान के लिए ज्यादा मात्रा में चीनी का नियमित सेवन करने से बॉडी में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ती है जो वजन बढ़ा सकती है। नियमित सफेद चीनी का सेवन ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ाने में भी जिम्मेदार है।
गुड़ और शहद को मिली 5 रेटिंग
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट हंसा योगेंद्र ने गुड़ और शहद को 10 में से 5 रेटिंग दी है। उन्होंने बताया कि सफेद चीनी की तुलना में गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे कुछ मिनरल्स थोड़ी मात्रा में पाए जा सकते हैं। हालांकि, इन पोषक तत्वों की मात्रा इतनी ज्यादा नहीं होती कि गुड़ को पोषण का प्रमुख स्रोत माना जाए। गुड़ में भी मुख्य रूप से शुगर और कैलोरी होती है। इसलिए इसे सफेद चीनी से बेहतर विकल्प मानकर ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं है। खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को गुड़ की मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, शहद को भी प्राकृतिक स्वीटनर माना जाता है। इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैविक यौगिक पाए जाते हैं, लेकिन इसमें भी शुगर की मात्रा काफी होती है। इसलिए शहद को भी सीमित मात्रा में लेना जरूरी है। गुड़ और शहद प्राकृतिक या कम प्रोसेस्ड होने के बावजूद ‘शुगर-फ्री’ विकल्प नहीं हैं। इनका सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।
नारियल और पाम शुगर को मिली 10 में से 6 रेटिंग
हंसा जी योगेंद्र ने बताया स्वीटनर्स में प्रोसेस चीनी सबसे ज्यादा सेहत के लिए खराब है। एक्सपर्ट ने Coconut Sugar और Palm Sugar को 10 में से 6 रेटिंग दी है। नारियल शुगर को सफेद चीनी की तुलना में ब्लड शुगर पर कम असर डालने वाला बताया गया है, जबकि पाम शुगर को पारंपरिक स्वीटनर बताते हुए इसमें मौजूद कुछ मिनरल्स के बारे में भी बताया गया है। हालांकि, किसी स्वीटनर को सिर्फ नेचुरल या कम प्रोसेस्ड होने के आधार पर डायबिटीज के लिए सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। मात्रा और कुल कार्बोहाइड्रेट सेवन का ध्यान रखना भी जरूरी है।
खजूर को मिली 7 रेटिंग
एक्सपर्ट ने खजूर से बनी Date Sugar या Date Syrup को 10 में से 7 रेटिंग दी है। पूरे खजूर से बने विकल्पों में कुछ फाइबर और मिनरल्स मिल सकते हैं और इससे ब्लड शुगर में अपेक्षाकृत कम तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इन उत्पादों में भी प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है।
स्टीविया को मिली 10 में से 8 रेटिंग
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट हंसा योगेंद्र ने स्टीविया को 10 में से 8 रेटिंग दी है। स्टीविया एक पौधे से मिलने वाला स्वीटनर है, जिसे आमतौर पर चीनी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बहुत कम या लगभग शून्य कैलोरी होती है और इसमें मौजूद स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड्स मिठास देता हैं। अगर इसका सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह सफेद चीनी की तरह ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ाने वाला नहीं माना जाता। इसी वजह से इसे ऐसे लोग भी चीनी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, जो अपने कैलोरी और शुगर सेवन को कम करना चाहते हैं। स्टीविया का एक नुकसान इसका हल्का कड़वा या aftertaste हो सकता है, जिसकी वजह से कुछ लोगों को इसका स्वाद चीनी जैसा नहीं लगता। स्टीविया चीनी की तुलना में कम कैलोरी वाला विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करना बेहतर है।
कौन-सा स्वीटनर चुनें?
किसी भी स्वीटनर को सिर्फ प्राकृतिक या हेल्दी समझकर ज्यादा मात्रा में न लें। डायबिटीज, प्री-डायबिटीज या वजन कम करने वालों को खासतौर पर चीनी और मीठी चीजों की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। स्वीटनर का सेवन भी सीमित मात्रा में करें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वीटनर का सेवन अपनी जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सीमित मात्रा में करें।



