
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। सपा उम्मीदवार प्रो. राम गोपाल यादव और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक धनराज परिमल नथवानी ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपनाअपना नामांकन पत्र दाखिल किया।नामांकन के दौरान पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। दोनों उम्मीदवारों के नामांकन के बाद सपा नेता एसटी हसन ने पार्टी की जीत को लेकर भरोसा जताया।
एसटी हसन ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने तीनों उम्मीदवारों को जिताएगी। उन्होंने कहा, “हमें पूरा आत्मविश्वास है। ये चौंकाने वाले हैं अभी भी और 2027 में भी। हमने NDA से तोड़कर लाया है।” राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सपा की ओर से उम्मीदवारों के नामांकन के बाद प्रदेश की सियासत में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी अपने तीनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए समर्थन जुटाने में लगी है।
राज्यसभा चुनाव में क्या है विधानसभा का गणित?
यूपी विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर राज्यसभा चुनाव में हर उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 37 वोट की जरूरत होगी। राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के लिए विधायकों का समर्थन जुटाने में लगे हैं। चुनाव में अतिरिक्त वोट और क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
किसके पास कितने उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्याबल के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आठ राज्यसभा सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि कांग्रेस के समर्थन से समाजवादी पार्टी दो सीटें हासिल कर सकती है। इसी बीच सपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम सामने रखकर राज्यसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ा दिया है। अब नामांकन प्रक्रिया के दौरान तस्वीर और स्पष्ट होगी कि चुनाव मैदान में कितने उम्मीदवार उतरते हैं और विभिन्न दलों की रणनीति क्या रहती है।
10 राज्यसभा सीटों पर होना है चुनाव
उत्तर प्रदेश में इस बार 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है। इनमें 9 सीटें मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होने के कारण खाली होंगी। वहीं, एक सीट भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।


