
सुल्तानपुर, अमृत विचार। सुलतानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुम्हीगांव में शिक्षक दंपती मुकेश सिंह और विनीता सिंह की हत्या के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। बुधवार को ग्रामीणों ने धोपाप मार्ग पर शव वाहन रोककर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मृतक दंपती के बेटे को सुरक्षा देने और हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और शव वाहन को अंतिम संस्कार के लिए आगे जाने दिया।
उधर, दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस को घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य मिले हैं। मौके पर खून से सने पैरों के निशान, टूटे सीसीटीवी कैमरे और स्कूल में इस्तेमाल होने वाले फावड़े व कुल्हाड़ी मिली है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों को आशंका है कि घटना में चार से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने तक पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
संघर्ष के मिले संकेत, कमरे तक घसीटे जाने के साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल के बरामदे में काफी मात्रा में खून मिला है। वहीं, विनीता के पैर पकड़कर उन्हें कुछ दूरी तक कमरे की ओर घसीटे जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमले के दौरान उन्होंने प्रतिरोध किया होगा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं। हत्यारोपियों की दिशा का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंचा, लेकिन उसे कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।
मुकेश के गले पर चोट के निशान
मुकेश सिंह के गले पर चोट के निशान मिले हैं, जिन्हें पुलिस अधिकारियों की ओर से कुल्हाड़ी के वार जैसा बताया गया है। उनका शव स्कूल परिसर के बाहर मैदान में घास पर पड़ा मिला था। उनका एक हाथ पीठ के पीछे दबा हुआ था। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस संघर्ष की आशंका जता रही है।
स्कूल के फावड़े और कुल्हाड़ी ने बढ़ाया संदेह
जांच के दौरान बरामद फावड़ा और कुल्हाड़ी स्कूल परिसर में इस्तेमाल होने वाले औजार बताए जा रहे हैं। इससे पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या वारदात को अंजाम देने वालों को स्कूल परिसर और वहां रखे सामान की पहले से जानकारी थी। हालांकि, पुलिस अभी इसे केवल जांच का एक पहलू मानकर चल रही है। औजारों का इस्तेमाल किसने और किस परिस्थिति में किया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
टूटे मिले CCTV कैमरे, डीवीआर से खुल सकता है राज
वारदात के बाद बरामदे और प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे टूटे मिले। डीवीआर को भी क्षतिग्रस्त किया गया है, लेकिन वह पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ है। पुलिस अब डीवीआर की तकनीकी जांच करा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इसमें सुरक्षित कोई फुटेज या डिजिटल साक्ष्य हत्याकांड की जांच में अहम सुराग दे सकता है।
इसके साथ ही पुलिस शिक्षक दंपती के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। वारदात से पहले और बाद में उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाकर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
अज्ञात के खिलाफ FIR, कई टीमें जांच में जुटीं
अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक मुकेश सिंह के बड़े भाई अखिलेश सिंह की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की कई टीमें हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलगअलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी के डीवीआर और मोबाइल CDR के जरिए वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।



