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​Ayodhya Deepotsav 2026: 1.87 लाख से 30 लाख दीयों तक पहुंचा दीपोत्सव, अयोध्या में 10वें आयोजन की तैयारी तेज

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस बार रामनगरी में करीब 30 लाख दीयों से दीपोत्सव मनाने की तैयारी है. 7 नवंबर को राम की पैड़ी पर होने वाले इस आयोजन को भव्य बनाने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. तीन दिवसीय दीपोत्सव के दौरान देशदुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है. इसे देखते हुए होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, पार्किंग, यातायात और भोजन जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर करने की तैयारी चल रही है.

​Ayodhya Deepotsav 2026: 1.87 लाख से 30 लाख दीयों तक पहुंचा दीपोत्सव, अयोध्या में 10वें आयोजन की तैयारी तेज

2017 में 1.87 लाख दीयों से शुरू हुआ था दीपोत्सव

अयोध्या में योगी सरकार के नेतृत्व में वर्ष 2017 में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया गया था. उस समय राम की पैड़ी पर करीब 1.87 लाख दीये जलाए गए थे. इसके बाद हर साल दीपों की संख्या बढ़ती गई और अयोध्या का दीपोत्सव देशदुनिया में चर्चा का विषय बनता गया.

दीपोत्सव में दर्ज किए गए दीप प्रज्वलन के आंकड़े इस तरह हैं

  • 2017: 1,87,213 दीये
  • 2018: 3,01,152 दीये
  • 2019: 4,04,026 दीये
  • 2020: 6,06,569 दीये
  • 2021: 9,41,551 दीये
  • 2022: 15,76,955 दीये
  • 2023: 22,23,676 दीये
  • 2024: 25,12,585 दीये
  • 2025: 26,17,215 दीये
  • इस बार दसवें दीपोत्सव में करीब 30 लाख दीये जलाने की तैयारी की जा रही है.

ड्रोन शो और सामूहिक आरती का भी बढ़ेगा दायरा

दीपोत्सव 2026 में सिर्फ दीयों की संख्या बढ़ाने पर ही फोकस नहीं है. इस बार आयोजन में ड्रोन शो और सामूहिक आरती को भी पहले से ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी है. पिछले दीपोत्सव में सामूहिक आरती के जरिए अयोध्या का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था. इस बार सामूहिक आरती में भी संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन का फोकस ऐसा आयोजन करने पर है, जिसमें दीपों की भव्यता के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकें.

होटल और धर्मशालाओं की व्यवस्था पर जोर

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचेंगे. इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से होटल, धर्मशालाओं और रेस्टोरेंट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है. श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और आवागमन से जुड़ी सुविधाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा पार्किंग और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की तैयारी है, ताकि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

दीप, तेल, कपूर और बत्ती के लिए पांच टेंडर जारी

अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने दीपोत्सव की तैयारियों के तहत जरूरी सामान और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पांच टेंडर जारी किए हैं. इनमें दीये, तेल, कपूर, मोमबत्ती, रूईबत्ती और करीब 30 हजार वॉलंटियर्स से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं. अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जयेंद्र कुमार ने TV9 भारतवर्ष को बताया कि दीपोत्सव की तैयारियां काफी पहले शुरू कर दी जाती हैं. साफसफाई से लेकर दीपोत्सव में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय रहते टेंडर जारी किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि अभी पांच टेंडर जारी किए गए हैं और इन्हें इसी सप्ताह या अगले सप्ताह तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है.

दीपोत्सव स्थल का भी किया जा रहा विस्तार

अयोध्या मंडल के कमिश्नर राजेश कुमार के मुताबिक, इस बार दीपोत्सव स्थल का विस्तार किया गया है. वॉलंटियर्स के बैठने के लिए सीढ़ियों का निर्माण भी कराया गया है. आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम के प्रमुख मठमंदिरों, हाईवे और प्रमुख मार्गों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ उनकी सजावट पर भी काम किया जा रहा है.

PWD, NHAI समेत सभी विभागों को दिए गए निर्देश

दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है. PWD, NHAI, संस्कृति विभाग समेत आयोजन से जुड़े अन्य विभागों को जरूरी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि दीपोत्सव 2026 को भव्य और दिव्य बनाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन, ठहरने, भोजन और पार्किंग जैसी सुविधाओं में परेशानी न हो. रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं और आने वाले दिनों में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा.

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