भारतीय मानक ब्यूरो , गाजियाबाद शाखा कार्यालय द्वारा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय मानकीकरण प्रशिक्षण संस्थान , नोएडा में “निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्थारूपरेखा, सिद्धांत एवं परिभाषाएं” विषयक मसौदा भारतीय मानक पर मानक मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मसौदा मानक पर विभिन्न हितधारकों के विचार एवं सुझाव प्राप्त करना तथा निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्था की अवधारणा को बढ़ावा देना था.

जी. भवानी, वैज्ञानिकएफ एवं वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख, शाखा कार्यालय ने बताया कि मानक मंथन बीआईएस की एक महत्वपूर्ण मासिक पहल है, जिसके माध्यम से विभिन्न मसौदा भारतीय मानकों पर हितधारकों से विचारविमर्श किया जाता है तथा मानकीकरण प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद भारतीय मानकों को अधिक व्यावहारिक, समावेशी एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
संसाधनों के कुशल उपयोग पर चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एस. भास्कर, वैज्ञानिकजी एवं प्रमुख, एडवांस्ड मैटेरियल्स लेबोरेटरी, सीएसआईआर, चेन्नई ने की. अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने निर्माण क्षेत्र में संसाधनों के कुशल उपयोग, सामग्री नवाचार तथा सतत विकास को बढ़ावा देने में परिपत्र अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला.
मुख्य वक्ता के रूप में आदित्य चंद्रा, मुख्य महाप्रबंधक , एनबीसीसी लिमिटेड ने बड़े निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं में परिपत्र अर्थव्यवस्था की अवधारणाओं के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर अपने विचार रखे. उन्होंने निर्माण क्षेत्र में संसाधनों के पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण एवं अपशिष्ट न्यूनीकरण की आवश्यकता पर बल दिया.
दूसरे मुख्य वक्ता एम.आर.आर.एन. जिंदल, चार्टर्ड इंजीनियर एवं नीति विशेषज्ञ ने निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु नीति समर्थन, मानकीकरण तथा क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की.
इस अवसर पर राज कुमार, वैज्ञानिकसी एवं उप निदेशक, बीआईएस गाजियाबाद शाखा कार्यालय ने भारतीय मानक ब्यूरो की गतिविधियों, मानकीकरण प्रक्रिया तथा गुणवत्ता एवं उपभोक्ता संरक्षण में बीआईएस की भूमिका का परिचय प्रस्तुत किया.
निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्था
इसके उपरांत ललित यादव, वैज्ञानिकसी एवं उप निदेशक, बीआईएस ने मसौदा भारतीय मानक “निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्थारूपरेखा, सिद्धांत एवं परिभाषाएँ” पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी. उन्होंने मसौदा मानक के उद्देश्य, कार्यक्षेत्र, प्रमुख सिद्धांतों तथा कार्यान्वयन ढाँचे की जानकारी दी.
कार्यक्रम का समापन शरवन कुमार, वैज्ञानिकबी एवं सहायक निदेशक, बीआईएस गाजियाबाद शाखा कार्यालय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, निर्माण एवं अवसंरचना क्षेत्र की कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योग संघों तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रतिभागियों ने निर्माण क्षेत्र में परिपत्र अर्थव्यवस्था पर केंद्रित इस पहल की सराहना करते हुए इसे सतत विकास, संसाधन संरक्षण एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.



