Southwest Monsoon 2026: दक्षिणपश्चिम मॉनसून 2026 देश में बारिश के लिहाज से कमजोर रहा।

जून से सितंबर के बीच देशभर में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कुल 759.4 मिमी बारिश हुई, जो लॉन्ग टर्म की औसत का करीब 87% है।
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक 2001 के बाद 2026 की मॉनसूनी बारिश देश में चौथी सबसे कम रही। वहीं 1901 के बाद यह 13वीं सबसे कम मॉनसूनी वर्षा दर्ज की गई।
2026 दक्षिणपश्चिम मानसून ऋतु की मुख्य विशेषताएं
Salient Features of the 2026 Southwest Monsoon Season· The southwest monsoon advanced over the South Andaman Sea and Nicobar Islands on 16 May 2026, nearly six days earlier than the normal schedule. It arrived in Kerala on 4th… pic.twitter.com/DTG47GUsJ2
— India Meteorological Department September 30, 2026
अंडमान में समय से पहले पहुंचा मॉनसून
दक्षिणपश्चिम मॉनसून ने इस साल 16 मई 2026 को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दी। यह सामान्य समय से करीब छह दिन पहले था। हालांकि, केरल पहुंचने में मॉनसून को देरी हुई। मॉनसून 4 जून को केरल पहुंचा, जबकि इसकी सामान्य तिथि 1 जून मानी जाती है।
इसके बाद मॉनसून ने धीरेधीरे आगे बढ़ते हुए 9 जुलाई 2026 तक पूरे देश को कवर कर लिया।
19 सितंबर से शुरू हुई मॉनसून की वापसी
मॉनसून की वापसी भी सामान्य से थोड़ी देर से शुरू हुई। 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून की वापसी का सिलसिला शुरू हुआ। यह सामान्य तारीख से करीब दो दिन बाद था।
मध्य भारत में लगभग सामान्य रही बारिश
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य भारत में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही। यहां बारिश दीर्घकालिक औसत की 97% रही, जिसे लगभग सामान्य माना गया।
वहीं उत्तरपश्चिम भारत में LPA की 94.1%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 76% और पूर्वोत्तर भारत में महज 74% बारिश दर्ज हुई।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सबसे कम बारिश
इस मॉनसून सीजन का सबसे चिंताजनक आंकड़ा पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत से सामने आया। इस क्षेत्र में कुल 1017.1 मिमी बारिश हुई, जो 1901 के बाद इस क्षेत्र की सबसे कम मॉनसूनी बारिश है।
दक्षिणी प्रायद्वीप में भी बारिश का आंकड़ा काफी कम रहा। यहां 542 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यह 1901 के बाद चौथी सबसे कम और 2001 के बाद दूसरी सबसे कम मॉनसूनी बारिश रही।



