उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बयानों के जरिए नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज है. बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच पुराने रिश्तों का जिक्र एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल के दिनों में बृजभूषण की ओर से अखिलेश यादव की तारीफ किए जाने के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर तरहतरह की चर्चाएं शुरू हुई थीं.

अब बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव के साथ अपने रिश्तों को लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि दोनों के बीच पुराने संबंध हैं. उन्होंने कहा, ‘अखिलेश यादव से हमारे पुराने संबंध हैं… न अखिलेश हमारी बुराई करते हैं, न हम उनकी.’ इससे पहले बृजभूषण ने कांग्रेस और सपा के गठबंधन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा था, ‘अखिलेश बिना सब सूना.’ बृजभूषण का यह बयान ऐसे समय आया है जब विधानसभा चुनाव को लेकर गोलबंदी की जा रही है.
अखिलेश के बिना सब सूना है से शुरू हुई चर्चा
इससे पहले 30 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी में सपाकांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर सवाल पूछे जाने पर कहा था कि अखिलेश के बिना सब सूना है. इसके बाद अखिलेश यादव से जब बृजभूषण को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने भी कहा, ‘मेरे बृजभूषण शरण सिंह के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं… यूपी के विकास के मुद्दे पर हम सब एक हैं.’ दोनों नेताओं की ओर से एकदूसरे के साथ अच्छे रिश्तों की बात सामने आई है.
क्या बीजेपी छोड़कर सपा में जाएंगे बृजभूषण?
बृजभूषण शरण सिंह के हालिया बयानों के बाद उनके सपा में जाने की चर्चाएं जरूर तेज हुई हैं, लेकिन अभी उन्होंने सपा में शामिल होने के सवाल पर कहा कि मैं बीजेपी में हूं और वो सपा में हैं… हमारे रिश्ते अच्छे हैं. गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह और समाजवादी पार्टी का रिश्ता नया नहीं है. वह पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं और 2009 में सपा के टिकट पर कैसरगंज से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे.
बाद में बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी के टिकट पर भी कैसरगंज से लोकसभा पहुंचे. यूपी में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दोनों नेताओं के बयानों ने सियासी चर्चा को जरूर गर्म कर दिया है.



