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​हाइब्रिड कार में पेट्रोल भी लगता है, फिर भी माइलेज इतना ज्यादा कैसे? समझें पूरा खेल

ग्रेटर नोएडा के प्रवीण शर्मा कार लेने की सोच रहे हैं. घर में पहले से ईवी कार है. अब सवाल है फिर से ईवी लें, पेट्रोल कार खरीदें या हाइब्रिड? पेट्रोल की बढ़ती कीमत और रोज का रनिंग खर्च एक तरफ है. दूसरी तरफ ईवी को लेकर चार्जिंग और लंबी दूरी की चिंता.ऐसे में हाइब्रिड कार उन्हें बीच का रास्ता लगती है.भारत में भी अब कार बाजार सिर्फ पेट्रोल, डीजल और ईवी तक सीमित नहीं है. टोयोटा, मारुति सुजुकी और होंडा जैसे ब्रांड स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल बेच रहे हैं और इनकी बिक्री में भी तेजी दिख रही है.

​हाइब्रिड कार में पेट्रोल भी लगता है, फिर भी माइलेज इतना ज्यादा कैसे? समझें पूरा खेल

हाइब्रिड कार चलती कैसे है?

यानी एचईवी में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी होती है. गाड़ी की स्पीड और ड्राइविंग कंडीशन के हिसाब से कभी इलेक्ट्रिक मोटर काम करती है, कभी पेट्रोल इंजन और जरूरत पड़ने पर दोनों मिलकर गाड़ी को पावर देते हैं. यानी गाड़ी खुद तय करती रहती है कि किस समय पेट्रोल खर्च करना है और कब बैटरी की मदद लेनी है.

माइलेज ज्यादा क्यों मिलता है?

शहर में गाड़ी बारबार रुकती और चलती है. ऐसे समय इलेक्ट्रिक मोटर पेट्रोल इंजन का काम कम कर सकती है.ब्रेक लगाने या गाड़ी धीमी करने के दौरान पैदा होने वाली कुछ एनर्जी भी बैटरी में वापस स्टोर हो जाती है. इसे रीजनरेटिव ब्रेकिंग कहते हैं.

यही वजह है कि हाइब्रिड कारें खासकर शहर में फ्यूल एफिशिएंसी के लिए जानी जाती हैं. लेकिन ऑटोमोटिव एक्सपर्ट टूटू धवन कहते हैं, हाईवे पर भी हाइब्रिड कार अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी दे सकती है, क्योंकि ड्राइविंग के दौरान कुछ हिस्सा बैटरी पावर पर चल सकता है.

बिक्री में आया बड़ा उछाल

के वाहन पोर्टल के डेटा के आधार पर ऑटोकार इंडिया की रिपोर्ट बताती है अप्रैलजून 2025 के बीच भारत में 26,460 स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें बिकीं. एक साल पहले इसी टाइम पीरियड में ये डेटा 12,111 था. यानी बिक्री लगभग 118 फीसदी बढ़ी. इस बिक्री में टोयोटा की हिस्सेदारी करीब 81 पर्सेंट , मारुति सुजुकी की 18 फीसदी और होंडा की करीब 1 फीसदी रही.

फाइनेंशियल इयर 202425 में वाहन पोर्टल पर करीब 3.64 लाख हाइब्रिड गाड़ियां रजिस्टर हुईं. 202324 में यह संख्या करीब 91,720 थी. यानी रजिस्ट्रेशन में 297 फीसदी का उछाल.

2026 में भी हाइब्रिड की मांग बनी हुई है. ऑटोकार इंडिया के एच1 2026 के आंकड़ें बताते हैं टोयोटा हाइराइडर की बिक्री सालाना आधार पर 23 फीसदी, होंडा सिटी हाइब्रिड की बिक्री 22 फीसदी बढ़ी. रॉयटर्स की रिपोर्ट में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन फाडा के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि जून 2026 में भारत की पैसेंजर कार बिक्री में हाइब्रिड की हिस्सेदारी 8.3 फीसदी थी. इसी महीने सीएनजी की हिस्सेदारी 24.3 फीसदी और ईवी की 7.8 फीसदी रही.

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