
देवरिया के थाना लार क्षेत्र के गांव भीखम छपरा में सड़क पर ब्रेकर बनवाने को लेकर हुए विवाद में आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की पीट पीटकर हत्या कर दी गई. 50 साल के रामेश्वर अपने घर के सामने ब्रेकर बनवाना चाहते थे, जिसका पड़ोसी विरोध कर रहे थे.
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सड़क पर ब्रेकर बनवाने को लेकर हुए विवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यकर्ता की लाठी डंडों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई. मामला थाना लार क्षेत्र के गांव भीखम छपरा का है. मृतक की पहचान 50 साल के रामेश्वर तिवारी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि पड़ोसियों ने उन पर हमला किया था. घायल हालत में उन्हें पहले लार सीएचसी ले जाया गया. वहां से डॉक्टरों ने देवरिया मेडिकल कालेज रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही लार पुलिस मौके पर पहुंची. एसपी अभिजीत आर शंकर ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं.
आखिर विवाद क्या था? गांव में इन दिनों पक्की सड़क बनाई जा रही है. यह सड़क रामेश्वर तिवारी के घर से होकर गुजर रही है. रामेश्वर अपने घर के सामने ब्रेकर बनवाना चाहते थे. लेकिन उनके पड़ोसी इसका विरोध कर रहे थे. पड़ोसियों ने उन्हें मना भी किया था. जब रामेश्वर नहीं माने तो आरोप है कि पड़ोसियों ने लाठी डंडों से उन पर हमला कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, एक अक्टूबर को थाना लार को भीकम छपरा गांव में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली. घायल रामेश्वर तिवारी स्वर्गीय जयमंगल तिवारी के बेटे थे. परिजन उन्हें इलाज के लिए सीएचसी लार लाए थे. डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल देवरिया रेफर किया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया. पुलिस का कहना है कि परिजनों से संपर्क करके तहरीर ली जा रही है. तहरीर का मतलब लिखित शिकायत होता है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं. ये टीमें आरोपियों को पकड़ने की कोशिश में जुटी हैं.


