
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशे की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 6 क्विंटल से ज्यादा गांजा बरामद किया है। तस्करी के दौरान गांजे को पुलिस से बचाने के लिए ट्रक में खाली बोतलों से भरी बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया था। जांच के दौरान पुलिस ने जब इन बोरियों को हटाकर नीचे तलाशी ली तो गांजे से भरे पैकेट बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर की गई। एंटी नारकोटिक्स टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उड़ीसा की ओर से आने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक टाटा आईसर ट्रक को संदेह के आधार पर रोककर उसकी तलाशी ली गई।
खाली बोतलों के नीचे छिपा रखा था गांजा
ट्रक की शुरुआती तलाशी में ऊपर की तरफ खाली बोतलों से भरी बोरियां दिखाई दीं। इससे ऐसा लग रहा था कि ट्रक में सामान्य सामान ले जाया जा रहा है। हालांकि पुलिस को वाहन की गतिविधियों पर संदेह हुआ और बोरियों को हटाकर नीचे रखे सामान की जांच शुरू की गई।
तलाशी के दौरान नीचे रखी बोरियों में टेप से लिपटे कई पैकेट मिले। जांच करने पर इन पैकेटों में गांजा होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने कुल 20 बोरियों में रखे 597 पैकेट बरामद किए। इनका कुल वजन 632 किलो 380 ग्राम बताया गया है।
3 करोड़ 41 लाख रुपये से ज्यादा की जब्ती
पुलिस ने मामले में ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 42 साल बताई गई है और वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि ट्रक उड़ीसा की ओर से आ रहा था और गांजा उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गांजे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। कार्रवाई के दौरान 632.380 किलो गांजा, तस्करी में इस्तेमाल ट्रक, दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई।
बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 16 लाख 19 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा ट्रक की कीमत करीब 25 लाख रुपये और मोबाइल फोन की कीमत करीब 25 हजार रुपये आंकी गई है। नकदी को मिलाकर पूरी जब्ती की कीमत करीब 3 करोड़ 41 लाख 47 हजार रुपये बताई गई है।
दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
लावाकेरा क्षेत्र में नशे की तस्करी के खिलाफ यह महज एक कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी पुलिस ने इसी चेकिंग बैरियर पर बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा था। 2 अक्टूबर को पुलिस ने करीब 440 किलो 630 ग्राम गांजा बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद अब दो दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई में 632 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा गया है। इस तरह महज दो दिनों में पुलिस ने एक हजार किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजा उड़ीसा में कहां से लाया गया था और उत्तर प्रदेश में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी।
इसके साथ ही पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान के आधार पर आरोपियों के संपर्कों और संभावित तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि उड़ीसा सीमा से जिले में आने वाले संदिग्ध वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। नशे की तस्करी को रोकने के लिए चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।



