
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों और खान-पान की आदतों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। खासतौर पर 40 की उम्र के बाद पाचन, वजन, हड्डियों की सेहत और शरीर में होने वाले सामान्य बदलावों के कारण संतुलित आहार लेना फायदेमंद हो सकता है। ऐसे में रोजमर्रा की डाइट में अलग-अलग तरह की पौष्टिक सब्जियों को शामिल करना एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
इन्हीं सब्जियों में सूरन भी शामिल है। सूरन को कई जगह जिमीकंद के नाम से भी जाना जाता है। इसमें फाइबर के साथ पोटैशियम और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है सूरन
सूरन में अच्छी मात्रा में आहार फाइबर पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। पर्याप्त फाइबर वाली डाइट कब्ज जैसी सामान्य पाचन संबंधी परेशानियों से बचाव में मदद कर सकती है और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग होता है। इसलिए सूरन खाने के बाद किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसकी मात्रा कम करना या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद
फाइबर वाली चीजें खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में सूरन को संतुलित डाइट में शामिल करने से बार-बार कुछ खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी फाइबर युक्त सब्जियां उपयोगी हो सकती हैं। हालांकि, केवल किसी एक सब्जी के सेवन से वजन कम नहीं होता। इसके लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व
सूरन में पोटैशियम के अलावा कई अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। पोटैशियम शरीर के सामान्य कार्यों के लिए जरूरी खनिज है और यह मांसपेशियों तथा तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है।
40 की उम्र के बाद शरीर को पर्याप्त पोषण देना जरूरी हो जाता है। ऐसे में सूरन जैसी सब्जियों को अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ डाइट में शामिल किया जा सकता है।
कैसे करें सेवन
सूरन को अच्छी तरह पकाकर सब्जी के रूप में खाया जाता है। इसे बनाते समय बहुत ज्यादा तेल और मसालों के इस्तेमाल से बचना बेहतर हो सकता है। संतुलित मात्रा में इसे भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
ध्यान रखें कि किसी भी एक खाद्य पदार्थ को सभी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी, पोटैशियम से जुड़ी कोई समस्या या अन्य विशेष स्वास्थ्य स्थिति है, तो डाइट में सूरन शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।



