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रिसर्च में खुलासा: हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं ये 9 कारण; जानें एक्सपर्ट से बचाव के तरीके.

रिसर्च में खुलासा: हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं ये 9 कारण; जानें एक्सपर्ट से बचाव के तरीके.

दिल का दौरा (Heart Attack) अब केवल बढ़ती उम्र के लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। कम उम्र में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं और इसके पीछे कई तरह के जोखिम कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, बढ़ता तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और शरीर में बढ़ता खराब कोलेस्ट्रॉल दिल की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। बदलते लाइफस्टाइल और इन जोखिम कारकों के लंबे समय तक बने रहने से कम उम्र में भी दिल के रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित एक बड़े वैश्विक अध्ययन में हार्ट अटैक से जुड़े कई प्रमुख जोखिम कारकों की पहचान की गई थी। इनमें से कई ऐसे कारक हैं, जिन्हें समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव, रेगुलर हेल्थ चेकअप और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से कंट्रोल किया जा सकता है। एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ विमल झांझर ने बताया 9 ऐसे कारण हैं अगर हम इन्हें कंट्रोल कर लेते हैं तो हम न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल, ट्राईग्लिसराइड को कंट्रोल कर सकते हैं बल्कि दिल के रोगों से भी बचाव कर सकते हैं।

एक्सपर्ट ने बताया 2024 में की गई INTERHEART स्टडी के मुताबिक अगर रोजाना के लाइफस्टाइल से इन रिस्क फैक्टर को कंट्रोल कर लिया जाए तो आसानी से दिल के रोगों से बचाव किया जा सकता है। आइए एक्पर्ट से जानते हैं कि रिसर्च क्या कहती है और कौन-कौन से कारणों को दिल के रोगों के लिए जिम्मेदार बताया गया है।

INTERHEART रिसर्च क्या है?

इंटर हार्ट रिसर्च 52 देशों में की गई एक बड़ी case control study थी, जिसमें 15,152 हार्ट अटैक के मरीज और 14,820 कंट्रोल प्रतिभागी शामिल थे। इस रिसर्च का उद्देश्य यह समझना था कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कौन से modifiable risk factors myocardial infarction यानी हार्ट अटैक से जुड़े हैं। यह रिसर्च 2004 में The Lancet में प्रकाशित हुई थी।

हार्ट अटैक के 9 कारण जो लेनसेट रिसर्च में बताए गएं है

धूम्रपान या तंबाकू का सेवन

रिसर्च के मुताबिक धूम्रपान या तंबाकू का सेवन दिल के रोगों का कारण बन सकता है। सिगरेट, बीड़ी और दूसरे तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाकर आप हार्ट हेल्थ को दुरुस्त रख सकते हैं।

असामान्य लिपिड्स

खून में असामान्य lipid profile हार्ट अटैक के प्रमुख रिस्क फैक्टर में शामिल है INTERHEART में Apo B/Apo A1 ratio का संबंध myocardial infarction से मजबूत पाया गया था।

हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) यानी लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक से जुड़े महत्वपूर्ण कारकों में एक है। हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर दिल के रोगों से बचाव कर सकते हैं। बीपी कंट्रोल करने के लिए BP की नियमित जांच और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर

डायबिटीज को भी इंटर हार्ट रिसर्च में दिल के रोगों से जुड़े खतरे में शामिल किया गया है। लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर कंट्रोल नहीं रहने से दिल के रोगों का खतरा बढ़ता है।

पेट के आसपास ज्यादा चर्बी

आप जानते हैं कि पेट की चर्बी भी दिल के रोगों का खतरा बढ़ता है। लेनसेट रिसर्च के मुताबिक abdominal obesity भी हार्ट अटैक से जुड़ी है। कमर और पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी को कंट्रोल कर आप दिल के रोगों का खतरा कंट्रोल कर सकते हैं।

तनाव और मनोवैज्ञानिक कारक

तवाव भी दिल के रोगों के लिए जिम्मेदार बताया गया है। लेनसेट रिसर्च के मुताबिक psychological factors भी इंटर हार्ट रिसर्च में में मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन से जुड़े हुए पाए गए हैं। इसलिए लगातार तनाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तनाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलर बॉडी एक्टिविटी करना,योग और एक्सरसाइज करना जरूरी है।

ये 3 फैक्टर हार्ट से जुड़ी बीमारी का 90 फीसदी खतरा टालते हैं

इंटर हार्ट में दिल के रोगों से बचाव के लिए कुछ ऐसे फैक्टर पर भी ध्यान खींचा गया है जो दिल के रोगों से बचाने में जिम्मेदार पाए गए हैं। फल-सब्जियों का सेवन, रेगुलर बॉडी एक्टिविटी और अल्कोहल के सेवन पर कंट्रोल कर आप दिल के रोगों से बचाव कर सकते हैं।

फल और सब्जियां कैसे दिल को रखते हैं हेल्दी

रिसर्च के मुताबिक अगर आप बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी सिटी जैसे दिल के ट्रीटमेंट से बचना चाहते हैं तो आप डाइट में फल और सब्जियों को शामिल करें। फल और सब्जियों का सेवन दिल के रोगों से बचाव करता है। अगर आप दिल की एडवांस स्टेज में नहीं पहुंचे हैं तो डाइट में बदलाव आपकी सेहत पर बेहद असरदार साबित होगा।

रेगुलर बॉडी एक्टिविटी कैसे करती है असर

रेगुलर बॉडी एक्टिविटी भी आपके दिल की सेहत को दुरुस्त करती है। जब हम नियमित रूप से चलते हैं या एक्सरसाइज करते हैं, तो हमारा हार्ट एक तरह से ट्रेन होता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और शरीर ब्लड प्रेशर, वजन और ब्लड शुगर जैसे कई जोखिम को कंट्रोल करने में मदद करता है। यही वजह है कि नियमित फिजिकल एक्टिविटी दिल को हेल्दी रखने में मदद करती है।

शराब का सेवन भी बन सकता है दिल के लिए खतरा

शराब का ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर और हार्ट रिदम को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय में दिल के रोगों का जोखिम बढ़ा सकता है। दिल को हेल्दी रखने के लिए शराब का सेवन कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: ये जानकारी नॉर्मल हेल्थ से जुड़ी है। इसमें दी गई जानकारी को किसी बीमारी का निदान, इलाज या दवा का विकल्प न मानें। शराब, धूम्रपान, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें। किसी भी दवा या उपचार में बदलाव बिना चिकित्सकीय सलाह के न करें।

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