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ब्लड शुगर कंट्रोल रखने: के लिए इन घरेलू चीजों पर दें ध्यान, लेकिन दवाएं खुद से न छोड़ें.

ब्लड शुगर कंट्रोल रखने: के लिए इन घरेलू चीजों पर दें ध्यान, लेकिन दवाएं खुद से न छोड़ें.

डायबिटीज ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर ब्लड ग्लूकोज यानी रक्त शर्करा को सामान्य तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाता। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने पर आंखों, किडनी, नसों, हृदय और रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए डायबिटीज को केवल खानपान की समस्या समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

डायबिटीज को नियंत्रित रखने में दवाओं के साथ संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और वजन को स्वस्थ सीमा में रखना महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ सामान्य खाद्य पदार्थ भी संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन इनमें से किसी को डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

आंवला

आंवले में विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे फल के रूप में या बिना अतिरिक्त चीनी वाले भोजन के साथ डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि आंवले का रस पीने से डायबिटीज ठीक होने का दावा प्रमाणित नहीं है।

तुलसी

तुलसी का इस्तेमाल भारतीय खानपान और पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से होता रहा है। इसे चाय या भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं ले रहा है, तो तुलसी या किसी हर्बल उत्पाद को बड़ी मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

जामुन

जामुन में फाइबर और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। मौसम में ताजा जामुन को संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है। जामुन की गुठली के पाउडर को डायबिटीज की दवा मानकर इस्तेमाल करना उचित नहीं है, क्योंकि इसकी प्रभावशीलता और सही मात्रा को लेकर पर्याप्त चिकित्सीय प्रमाण नहीं हैं।

सहजन

सहजन की फली और पत्तियों में फाइबर, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। इसे सब्जी के रूप में भोजन में शामिल करना पौष्टिक विकल्प हो सकता है। हालांकि सहजन से ब्लड शुगर का इलाज होने का दावा नहीं किया जाना चाहिए।

अलसी

अलसी में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे सीमित मात्रा में दही, सलाद या अन्य भोजन में शामिल किया जा सकता है। फाइबर वाली चीजें भोजन के बाद ब्लड शुगर के बढ़ने की गति को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन अलसी को दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

करेला

करेला पारंपरिक रूप से डायबिटीज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है और इसमें कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिन पर ब्लड ग्लूकोज से जुड़े अध्ययन हुए हैं। फिर भी करेले का रस डायबिटीज का इलाज नहीं है। खासकर ब्लड शुगर कम करने वाली दवा लेने वालों को बड़ी मात्रा में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

मेथी

मेथी के बीजों में फाइबर पाया जाता है और इसे भोजन में शामिल किया जा सकता है। कुछ अध्ययनों में मेथी और ब्लड शुगर के बीच संभावित संबंध देखा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मेथी दवाओं की जगह ले सकती है।

दालचीनी

दालचीनी का इस्तेमाल भोजन और पेय पदार्थों में स्वाद के लिए किया जा सकता है। इसके ब्लड शुगर पर संभावित प्रभाव को लेकर शोध हुए हैं, लेकिन परिणाम इतने स्पष्ट नहीं हैं कि इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प माना जाए। अधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन भी उचित नहीं है।

ग्रीन टी

ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। बिना अतिरिक्त चीनी वाली ग्रीन टी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है। लेकिन इसे ब्लड शुगर कम करने की दवा समझना सही नहीं है।

सौंफ

सौंफ भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में लेना आम आदत है। इसमें कुछ पोषक तत्व और पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, लेकिन सौंफ से डायबिटीज नियंत्रित होने का पर्याप्त प्रमाण नहीं है।

डायबिटीज में किन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज होने पर केवल चीनी बंद कर देना पर्याप्त नहीं होता। सफेद ब्रेड, मीठे पेय, मिठाइयां और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना जरूरी है। साथ ही भोजन में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, प्रोटीन और फ

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