
कभी एक मां अपने बेटे के घंटों गेम खेलने से परेशान रहती थीं। उन्हें लगता था कि गेम में समय बिताने से पढ़ाई और दूसरे जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन समय ने ऐसी करवट ली कि वही मां कुछ साल बाद खुद कंप्यूटर के सामने बैठकर घंटों गेम खेलने लगीं। आज उनकी गेमिंग देखने के लिए हजारों लोग ऑनलाइन इंतजार करते हैं।
चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन इंटरनेट पर ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं। वह अब एक लोकप्रिय गेमिंग लाइवस्ट्रीमर बन चुकी हैं और उनके करीब 5.27 लाख फॉलोअर्स हैं। उनके लाइव गेमिंग सेशन को करीब 10 हजार लोग तक देखते हैं।
झोंग चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के मेइझोउ के बाहरी इलाके में रहती हैं। उन्होंने केवल प्राथमिक स्तर तक पढ़ाई की और जीवन में कई तरह के छोटे-मोटे काम किए। करीब एक दशक पहले उन्होंने काम से दूरी बना ली थी। इसके बाद उनकी जिंदगी में गेमिंग ने ऐसी जगह बनाई, जिसकी शायद उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
कहानी की शुरुआत साल 2020 के आसपास हुई। झोंग का छोटा बेटा उस समय नौकरी छोड़कर घर पर काफी समय गेम खेलने लगा था। बेटे को लगातार गेम खेलते देखकर झोंग को करीब दो दशक पुराना दौर याद आने लगा, जब उनका बेटा स्कूल में पढ़ता था और गेमिंग की वजह से उसकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी।
तब झोंग बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए कभी-कभी इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं और उसे घर ले आती थीं। लेकिन वर्षों बाद उनके मन में एक सवाल उठा कि आखिर गेम में ऐसी क्या खास बात है कि उनका बेटा इसमें घंटों लगा रहता है।
इसी सवाल का जवाब जानने के लिए उन्होंने खुद गेम खेलने का फैसला किया। बेटे ने उन्हें गेम की बारीकियां समझानी शुरू कीं। शुरुआत में झोंग के लिए गेम खेलना काफी मुश्किल था। कभी उनका किरदार दीवार से टकरा जाता, कभी वह सही दिशा में जाने के बजाय दूसरी तरफ घूम जातीं और गेम में सीढ़ियां चढ़ना भी आसान नहीं लगता था।
उम्र बढ़ने के साथ नजर कमजोर होने और प्रतिक्रिया देने में थोड़ा ज्यादा समय लगने के बावजूद उन्होंने अभ्यास जारी रखा। धीरे-धीरे उनकी पकड़ गेम पर मजबूत होती गई और फिर साल 2022 में उन्होंने लाइवस्ट्रीमिंग शुरू कर दी।
लोगों को सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई जब उन्होंने देखा कि 60 साल की एक महिला शूटिंग गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। झोंग सिर्फ गेम ही नहीं खेलतीं, बल्कि गेमिंग की वह भाषा भी आसानी से इस्तेमाल करती हैं जो आमतौर पर युवा खिलाड़ियों के बीच सुनने को मिलती है।
वह अब तक 8,000 घंटे से ज्यादा गेम खेल चुकी हैं। दिसंबर 2024 में उन्हें एक ऑनलाइन प्रदर्शनी मुकाबले में खेलने का मौका भी मिला, जिसमें युवा गेमिंग स्टार डोंक भी शामिल थे। मुकाबले के दौरान झोंग ने उन्हें आउट कर दिया और यह पल उनके प्रशंसकों के लिए खास बन गया।
जैसे-जैसे उनकी लोकप्रियता बढ़ी, कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि क्या वह वास्तव में खुद गेम खेलती हैं या कोई दूसरा व्यक्ति उनके लिए गेमिंग करता है। इस शक को दूर करने के लिए उनके बेटे ने कई कैमरे लगाए, जिससे झोंग को अलग-अलग एंगल से गेम खेलते हुए देखा जा सके।
झोंग का कहना है कि उम्र बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि इंसान नई चीजें सीखना छोड़ दे। उनके लिए गेमिंग केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि कुछ नया सीखने और दिमाग को सक्रिय रखने का एक तरीका भी है। वह इस सोच को भी चुनौती देती हैं कि एक महिला की जिंदगी केवल घर और परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित होनी चाहिए।
इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनका बेटा ही है। जिस बेटे को कभी झोंग गेम खेलने से रोकती थीं, आज वही उनकी गेमिंग यात्रा में सबसे बड़ा सहयोगी है। वह अब उनकी गेमिंग गतिविधियों को संभालने के साथ एजेंट की भूमिका भी निभाता है। यहां तक कि रात करीब 12 बजे वह इंटरनेट बंद कर देता है, ताकि उसकी मां देर रात तक गेम खेलती न रहें।
झोंग की लोकप्रियता अब इंटरनेट से बाहर भी दिखाई देने लगी है। बाजार में लोग उन्हें पहचानने लगे हैं और कई लोग उन्हें यह बताते हैं कि उन्होंने उन्हें ऑनलाइन गेम खेलते हुए देखा है।
कभी बेटे की गेमिंग को लेकर चिंतित रहने वाली यह मां आज खुद गेमिंग की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुकी हैं। उनकी कहानी बताती है कि नई चीज सीखने और अपनी पसंद को जिंदगी का हिस्सा बनाने की कोई तय उम्र नहीं होती। अगर सीखने की इच्छा और लगातार कोशिश करने का जज्बा हो, तो 60 की उम्र में भी कोई नई शुरुआत कर सकता है।



