
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। पुरुषों के लिए भी विटामिन ए, बी2, सी, डी और के शरीर के अलग-अलग कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर पुरुष को इन विटामिन के सप्लीमेंट लेने चाहिए। अगर डाइट संतुलित है तो ज्यादातर पोषक तत्व भोजन से ही मिल सकते हैं।
किसी विटामिन की कमी होने पर ही सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है और इसकी पुष्टि डॉक्टर या जांच के जरिए करना बेहतर होता है।
1. विटामिन A
विटामिन ए आंखों की सामान्य रोशनी, त्वचा और प्रतिरक्षा तंत्र के लिए जरूरी है। शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए गाजर, शकरकंद, पालक और दूसरी हरी सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। अंडे और डेयरी उत्पाद भी विटामिन ए के स्रोत हो सकते हैं।
विटामिन ए की गंभीर कमी होने पर रात में कम दिखाई देना और आंखों से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं।
2. विटामिन B2
विटामिन बी2 यानी राइबोफ्लेविन शरीर को भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करता है। यह त्वचा और सामान्य कोशिकीय कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
दूध और दूसरे डेयरी उत्पाद, अंडे, मांस, मछली, बादाम और कुछ हरी सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं। इसकी कमी होने पर मुंह के किनारों पर दरारें, गले या जीभ में परेशानी और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
3. विटामिन C
विटामिन सी शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है। यह प्रतिरक्षा तंत्र के सामान्य कामकाज, कोलेजन बनाने और घाव भरने में भूमिका निभाता है। यह शरीर को पौधों से मिलने वाले आयरन को अवशोषित करने में भी मदद करता है।
आंवला, संतरा, नींबू, अमरूद, कीवी, टमाटर, ब्रोकली और शिमला मिर्च विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं।
हालांकि, विटामिन सी को सीधे तौर पर पुरुषों की यौन क्षमता बढ़ाने वाला विटामिन मानना सही नहीं है। स्वस्थ डाइट पूरे शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में जरूर मदद करती है।
4. विटामिन D
विटामिन डी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह शरीर को कैल्शियम का इस्तेमाल करने में मदद करता है। इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
विटामिन डी कुछ खाद्य पदार्थों जैसे फैटी फिश, अंडे की जर्दी और फोर्टिफाइड दूध या दूसरे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों से मिल सकता है। शरीर सूर्य की रोशनी की मदद से भी विटामिन डी बनाता है।
अगर किसी व्यक्ति में विटामिन डी की कमी है तो डॉक्टर जांच के आधार पर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।
5. विटामिन K
विटामिन K शरीर में सामान्य रक्त का थक्का बनने और हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल और दूसरी हरी सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं। सोयाबीन और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों से भी विटामिन K मिल सकता है।
जो लोग खून पतला करने वाली कुछ दवाएं लेते हैं, उन्हें विटामिन K वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा में अचानक बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं, सभी के लिए जरूरी हैं विटामिन
विटामिन ए, बी2, सी, डी और के केवल पुरुषों के लिए ही जरूरी नहीं हैं। महिलाओं और पुरुषों दोनों को इनकी जरूरत होती है। शरीर की जरूरत उम्र, डाइट, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदल सकती है।
इसलिए किसी विज्ञापन या सोशल मीडिया पोस्ट को देखकर अपने आप विटामिन की गोलियां शुरू करना सही तरीका नहीं है। संतुलित डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, बीज, डेयरी या उसके विकल्प और जरूरत के अनुसार अंडे या मांस-मछली शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अगर लगातार थकान, कमजोरी, हड्डियों में दर्द, बार-बार बीमार पड़ना या अन्य लक्षण बने हुए हैं तो केवल विटामिन सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर जांच के आधार पर सही विटामिन या मिनरल की कमी का पता लगाया जा सकता है।



