
एक शिक्षक दंपति की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस कर्मचारी पर परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करता था, वही इस दोहरे हत्याकांड की साजिश में शामिल निकला। पुलिस ने मामले में स्कूल वैन चालक और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान महज 5 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और घटनास्थल से मिली एक चप्पल ने आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस के मुताबिक, स्कूल परिसर में बने मकान में शिक्षक दंपति रहता था। आरोपी चालक को घर में रखी नकदी और तिजोरी के बारे में जानकारी थी। बताया गया कि दोनों आरोपी रात के समय चोरी के इरादे से परिसर में दाखिल हुए थे। इसी दौरान घर के अंदर हुई हलचल से महिला की नींद खुल गई और उसने दोनों को पहचान लिया।
पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने महिला पर हमला कर दिया। उनकी आवाज सुनकर पति भी बाहर आए और जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी घेर लिया। दोनों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घर में रखी नकदी लेकर वहां से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले स्कूल परिसर के सीसीटीवी कैमरों को भी खराब कर दिया गया था।
हत्या के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश की। वह अगले दिन मौके पर पहुंचा और पुलिस को दोहरे हत्याकांड की सूचना भी दी। शुरुआती तौर पर उसने घटना पर दुख जताते हुए खुद को परिवार का करीबी कर्मचारी बताया, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ उसकी भूमिका संदिग्ध होती गई।
पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या के आसपास के समय में महिला के मोबाइल से 5 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया गया था। आरोपी को मोबाइल का पासवर्ड पहले से पता था। इसके अलावा घटनास्थल से एक चप्पल बरामद हुई, जिसकी पहचान आरोपी की चप्पल के रूप में हुई। इन दोनों सुरागों ने पुलिस का शक और मजबूत कर दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से करीब 34,950 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए महिला का मोबाइल एक कुएं में फेंक दिया गया था।
अब पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों और कुएं में फेंके गए मोबाइल को बरामद करने की कोशिश कर रही है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परिवार जिस कर्मचारी पर भरोसा करता था, वही कथित तौर पर चोरी की साजिश में शामिल होकर दो लोगों की हत्या का आरोपी बन गया।



