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ममता बनर्जी से फिर ‘सक्रिय’ राजनीति में उतरने की अपील, दीप्सिता धर बोलीं- लोगों ने आप पर भरोसा कर 80 सीटें जिताईं

ममता बनर्जी से फिर ‘सक्रिय’ राजनीति में उतरने की अपील, दीप्सिता धर बोलीं- लोगों ने आप पर भरोसा कर 80 सीटें जिताईं

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उठापटक के बीच CPM की युवा नेत्री दीप्सिता धर ने ममता बनर्जी से एक बार फिर सीधे तौर पर सक्रिय राजनीति में उतरने की अपील की है। कॉलेज स्ट्रीट में आयोजित एक विरोध सभा के दौरान दीप्सिता ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने भाजपा के विरोध में तृणमूल कांग्रेस पर भरोसा जताया था और पार्टी को 80 सीटों पर जीत मिली थी। उन्होंने ममता से अपने समर्थकों और आम लोगों के मुद्दों को लेकर फिर से मैदान में उतरने की अपील की।

दीप्सिता के मुताबिक, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ा बदलाव आया है। उनका दावा है कि पार्टी के कई नेता भाजपा की ओर चले गए हैं, जबकि ममता के साथ बचे नेता संगठन को संभालने में व्यस्त हैं। ऐसे में आम लोगों के मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष कमजोर हुआ है।

उन्होंने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उन पर भरोसा किया था, उनके मुद्दों को लेकर उन्हें खुद प्रत्यक्ष राजनीति में सक्रिय होना चाहिए। दीप्सिता ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के दूसरी राजनीतिक राह चुनने के घटनाक्रम से उन्हें व्यक्तिगत खुशी नहीं हुई, क्योंकि इसका असर बंगाल के आम लोगों पर पड़ रहा है।

हालांकि, दीप्सिता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद पर नहीं होने से खुश हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा समय में असली सवाल यह है कि बंगाल के आम लोगों के मुद्दों को लेकर कौन मजबूती से उनके बीच खड़ा होता है।

भाजपा पर लगाया राजनीतिक दलों को कमजोर करने का आरोप

दीप्सिता धर ने तृणमूल कांग्रेस में हुए बदलाव की तुलना महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रमों से करते हुए भाजपा पर विपक्षी दलों को कमजोर करने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि जिन दलों को सीधे राजनीतिक मुकाबले में हराना मुश्किल होता है, उनके नेताओं को अपने साथ लेकर विपक्षी राजनीतिक स्थान को कमजोर करने की कोशिश की जाती है।

यह आरोप दीप्सिता धर का राजनीतिक बयान है। इसे उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और मौजूदा परिस्थितियों पर टिप्पणी के रूप में देखा जाना चाहिए।

वामपंथी दलों के संघर्ष का भी किया जिक्र

CPM नेता ने कहा कि वामपंथी दल बंगाल में लगातार जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वामपंथी ताकतें शुरुआत से ही सड़क पर उतरकर लोगों के सवाल उठा रही हैं और आगे भी ऐसा करती रहेंगी।

दीप्सिता धर का यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगाल की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज है। हाल के दिनों में ममता बनर्जी की ओर से भी भाजपा विरोधी राजनीति के संदर्भ में वामपंथी दलों के साथ संवाद की बात सामने आई है। ऐसे माहौल में CPM की युवा नेता की ओर से ममता को सीधे सक्रिय राजनीति में लौटने की अपील ने राज्य की राजनीतिक बहस को और चर्चा में ला दिया है।

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