
नई दिल्ली: त्योहारों के मौसम में मावा, दूध से बनी मिठाइयों और दूसरे खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें बढ़ जाती हैं। नकली या मिलावटी मावा और मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जांच अभियान चलाए जाते हैं। अब ऐसी जांच को और प्रभावी बनाने के लिए मौके पर ही खाद्य पदार्थों के नमूने की प्राथमिक जांच करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
इसका उद्देश्य यह है कि संदिग्ध मावा या मिठाई की जांच के लिए केवल प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार न करना पड़े और शुरुआती स्तर पर ही संदिग्ध खाद्य पदार्थों की पहचान की जा सके।
मौके पर ही हो सकेगी शुरुआती जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच के दौरान संदिग्ध मावा, दूध या मिठाई का नमूना लेकर मौके पर उपलब्ध परीक्षण व्यवस्था से उसकी प्राथमिक जांच कर सकते हैं। इससे मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की पहचान में तेजी आ सकती है।
हालांकि, मौके पर होने वाला परीक्षण हर मामले में अंतिम वैज्ञानिक रिपोर्ट का विकल्प नहीं होता। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थ का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है।
त्योहारों में बढ़ जाता है मिलावट का खतरा
त्योहारों के दौरान मिठाइयों और मावा की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग बाजारों, मिठाई की दुकानों और उत्पादन इकाइयों में निरीक्षण करता है।
मिलावट की शिकायत मिलने पर अधिकारी नमूने लेने के साथ खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, पैकेजिंग, साफ-सफाई और अन्य जरूरी मानकों की भी जांच कर सकते हैं।
मिलावट का शक हो तो ऐसे करें शिकायत
अगर किसी ग्राहक को मावा, मिठाई या किसी दूसरे खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह है, तो वह संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत कर सकता है। शिकायत करते समय दुकान का नाम और पता, खरीदे गए उत्पाद की जानकारी और उपलब्ध बिल जैसी जानकारी देना उपयोगी रहता है।
अगर पैकेटबंद उत्पाद है तो उसका पैकेट, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी भी संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर ये विवरण जांच में मदद कर सकते हैं।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
मिठाई खरीदते समय बहुत ज्यादा चमकीले रंग, असामान्य गंध या खराब स्वाद जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें। साफ-सफाई वाली और भरोसेमंद दुकान से मिठाई लेना बेहतर है।
पैक्ड मावा या मिठाई खरीद रहे हैं तो लेबल, पैकिंग, निर्माण तारीख, एक्सपायरी और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखें। शक होने पर उत्पाद का बिल भी संभालकर रखें।
मिलावट के खिलाफ कार्रवाई में ग्राहक की शिकायत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग तक शिकायत पहुंचाना बेहतर है।



