
मेरठ: बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में बुधवार को मामले पर फैसला सुनाया गया। सजा के बिंदु पर अदालत का निर्णय बाद में सुनाया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की हत्या उसकी पत्नी रविता और अमरदीप ने मिलकर की थी। आरोप था कि रविता ने अमित के हाथ पकड़े, जबकि अमरदीप ने उसका गला दबाया। इसके बाद हत्या को सांप के डसने की घटना दिखाने की कोशिश की गई।
अगली सुबह अमित का पांच वर्षीय बेटा उसे जगाने पहुंचा। काफी प्रयास के बाद जब वह नहीं उठा तो बच्चे ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने कमरे में पहुंचकर देखा कि अमित की चारपाई पर सांप मौजूद था। आसपास के लोगों ने सांप को पकड़कर अलग कर दिया।
पुलिस जांच में अमित के शरीर पर चोट के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसकी मौत को सामान्य सर्पदंश का मामला नहीं माना गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई और रविता तथा अमरदीप को गिरफ्तार किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 12 गवाह पेश किए। अमित की मां मुनेश और उसके भाई मोनू की गवाही को अहम माना गया। उन्होंने अमरदीप को घटना वाली रात अमित के घर के आसपास देखने की बात अदालत में कही।
सांप उपलब्ध कराने वाले सपेरे की गवाही भी मामले में महत्वपूर्ण रही। अभियोजन के अनुसार, सपेरे ने अमरदीप की पहचान करते हुए बताया कि उसने उससे सांप खरीदा था। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अमरदीप के चाचा ने उसके घटना के समय किसी अन्य स्थान पर मौजूद होने का दावा किया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के बाद रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी माना। अब दोनों को मिलने वाली सजा पर अदालत का फैसला अहम होगा। अमित की मां ने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।


