
लुधियाना: गांव बिरमी में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को उसके मामा के घर से कथित तौर पर जबरन ले जाने के मामले में पुलिस ने अकाली दल के स्थानीय नेता जसकरण सिंह देओल, लड़की की मां हरमनदीप कौर और दो अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी और लड़की की मां की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना 5 अक्टूबर की देर रात की है। शिकायतकर्ता सहजप्रीत सिंह ने बताया कि नाबालिग पिछले कुछ महीनों से गांव बिरमी में अपने मामा के घर रह रही थी। इससे पहले वह अपनी मां और जसकरण सिंह देओल के साथ मोहाली में रहती थी।
आरोप है कि देर रात लड़की की मां दो अन्य लोगों के साथ वाहन से उसके मामा के घर पहुंची। शिकायत में कहा गया है कि घर में दाखिल होने के बाद नाबालिग के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया गया। लड़की किसी तरह एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद उसने अपने ममेरे भाई को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, लड़की ने पुलिस कंट्रोल रूम में भी मदद के लिए सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि लड़की की मां ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई और विरोध किया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। दरवाजा खोलने की कोशिश के बाद जब वह नहीं खुला तो पुलिस ने उसे तोड़ा। तलाशी के दौरान लड़की और उसकी मां वहां नहीं मिलीं। शिकायत के मुताबिक, दोनों पिछले रास्ते से वहां से चली गई थीं।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर मौजूद दो आरोपियों अवतार सिंह और दविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से दो पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं। हथियारों को जब्त कर दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नाबालिग और फरार आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। लड़की की सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
पुराने मामले से भी जुड़ रहा घटनाक्रम
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नाबालिग ने पहले जसकरण सिंह देओल के खिलाफ यौन अपराध से जुड़े आरोप लगाए थे, जिसके आधार पर मोहाली में पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस मामले में 6 अक्टूबर को अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी थी और इसी वजह से नाबालिग को कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
थाना पीएयू पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है।


