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​FIIs की भारी निकासी से लाल निशान में बाजार, 350 अंक से अधिक टूटा सेंसेक्स

हफ्ते के कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही. कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू बाजार दबाव में कारोबार कर रहे हैं. आज सुबह ओपनिंग बेल बजते ही सेंसेक्स 177.83 अंक यानी 0.24 फीसदी लुढ़ककर 72,460.87 के स्तर पर खुला. वहीं निफ्टी भी संभल नहीं पाया. ये 62.25 अंक या 0.28 फीसदी टूटकर 22,540.80 पर कारोबार शुरू करता दिखा. 10 बजे करीब बाजार में और गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स 373 अंक टूट गया.

​FIIs की भारी निकासी से लाल निशान में बाजार, 350 अंक से अधिक टूटा सेंसेक्स

सेंसेक्सनिफ्टी में सुस्ती, लाल निशान में खुला बाजार

बाजार खुलते ही निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई. सेंसेक्स व निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में बिकवाली का माहौल बना हुआ है. बाजार में चौतरफा दबाव के कारण एडवांसडिक्लाइन रेशियो भी कमजोर रहा. चढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी ज्यादा रही. ट्रेडर्स का मानना है कि ग्लोबल संकेतों से घरेलू बाजार का मूड बिगड़ा है. ये गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं दिख रही, बल्कि कई प्रमुख शेयरों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. व्यापक बाजार में कमजोरी के चलते छोटे निवेशक फिलहाल नए सौदे करने से बच रहे हैं.

IT शेयरों में जोरदार चमक, TCS में 2.5% की तेजी

बाजार की इस सुस्ती के बीच आईटी सेक्टर एक मजबूत ढाल बनकर सामने आया है. आईटी कंपनियों के शेयरों में सुबह से ही अच्छी खरीदारी देखने को मिली. सबसे ज्यादा ध्यान टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी TCS पर रहा. आज जारी होने वाले दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से ठीक पहले TCS के शेयर 2.5 फीसदी तक उछल गए. बाजार को कंपनी के नतीजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. TCS के साथसाथ HCL टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस जैसी दिग्गज टेक कंपनियों में भी खरीदारी का रुख रहा. वहीं हेल्थकेयर स्पेस से सन फार्मा ने भी मजबूती दिखाकर बाजार को सहारा देने का प्रयास किया.

बाजार पर दबाव बनाने वाली तीन प्रमुख वजहें

पहला बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आया अचानक उछाल है. खाड़ी क्षेत्र व स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमलों ने पश्चिमी एशिया से तेल सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस सप्लाई संकट के बीच ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल 102 डॉलर के पार पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड में तेजी की आंच सीधे शेयर बाजार पर पड़ती है.

दूसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी है. विदेशी निवेशक पिछले नौ कारोबारी दिनों से लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. बुधवार 8 अक्टूबर को भी FIIs ने 6,121.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. लगातार हो रही इस भारी बिकवाली ने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट पर भारी दबाव बना दिया है.

तीसरा कारण सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस की वीकली एक्सपायरी है. एक्सपायरी के दिन ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को रोलओवर या क्लोज करते हैं, जिसकी वजह से बाजार में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल रहा है.

टॉप गेनर्स, लूजर्स की सूची में फेरबदल

शुरुआती कारोबार में निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में टेक कंपनियों का दबदबा साफ नजर आया. TCS, HCL Tech और Tech Mahindra के अलावा BSE Limited व Trent के शेयरों ने बढ़त बनाकर निवेशकों को राहत दी. रिटेल सेक्टर में मजबूत पकड़ रखने वाले ट्रेंट में भी खरीदारी देखने को मिली.

दूसरी तरफ नुकसान उठाने वाले शेयरों में बजाज ग्रुप की दोनों कंपनियों यानी बजाज ट्विन्स को सबसे अधिक झटका लगा. बजाज फाइनेंस पर बिकवाली का गहरा दबाव दिखा. इसके अलावा SBI लाइफ इंश्योरेंस, इंटरग्लोब एविएशन , श्रीराम फाइनेंस और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. क्रूड की बढ़ती कीमतों का असर एविएशन शेयरों पर दिखा, जिससे इंडिगो फिसलता नजर आया. इन दिग्गज शेयरों की गिरावट ने बाजार को नीचे खींचने का काम किया.

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