नई दिल्ली। खाना खाने का तरीका भी हमारी सेहत पर उतना ही असर डालता है जितना कि भोजन की गुणवत्ता। अक्सर आपने सुना होगा कि भोजन के हर निवाले को अच्छी तरह और कई बार चबाकर खाना चाहिए। इसी संदर्भ में 32 बार चबाने की सलाह भी लंबे समय से दी जाती रही है। हालांकि, हर निवाले को ठीक 32 बार चबाना कोई वैज्ञानिक रूप से तय नियम नहीं है, लेकिन भोजन को अच्छी तरह चबाकर धीरेधीरे खाने से पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

मुंह से ही शुरू हो जाती है पाचन प्रक्रिया
भोजन को चबाने से वह छोटेछोटे टुकड़ों में टूट जाता है। इससे भोजन को निगलना आसान होता है और पाचन तंत्र के लिए उसे आगे संसाधित करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। लार में मौजूद एंजाइम भोजन के पाचन की शुरुआती प्रक्रिया में भी भूमिका निभाते हैं। इसलिए भोजन को जल्दबाजी में निगलने के बजाय अच्छी तरह चबाना फायदेमंद माना जाता है।
वजन नियंत्रित करने में मिल सकती है मदद
धीरेधीरे खाने और भोजन को अच्छी तरह चबाने से व्यक्ति को पेट भरने का संकेत समझने के लिए अधिक समय मिल सकता है। इससे बहुत तेजी से या जरूरत से ज्यादा भोजन करने की संभावना कम हो सकती है। यही वजह है कि वजन नियंत्रित करने की कोशिश करने वाले लोगों को भी भोजन धीरे खाने की सलाह दी जाती है।
पेट पर पड़ सकता है कम दबाव
जब भोजन अच्छी तरह चबाया जाता है तो उसके कण छोटे हो जाते हैं। इससे पेट और आंतों को भोजन को आगे पचाने में आसानी हो सकती है। जल्दबाजी में बड़े निवाले निगलने की आदत के मुकाबले अच्छी तरह चबाकर खाना पाचन के लिए अधिक आरामदायक हो सकता है।
32 बार चबाना जरूरी है क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार हर निवाले को बिल्कुल 32 बार चबाना जरूरी नहीं है। भोजन की प्रकृति के अनुसार चबाने की संख्या अलगअलग हो सकती है। नरम भोजन कम बार चबाने से भी आसानी से निगला जा सकता है, जबकि ठोस और रेशेदार भोजन को अधिक देर तक चबाने की जरूरत पड़ सकती है। असल बात यह है कि भोजन इतना अच्छी तरह चबाया जाए कि वह आसानी से निगला जा सके।
धीरे खाने की आदत भी है महत्वपूर्ण
भोजन को अच्छी तरह चबाने के साथसाथ खाने के दौरान जल्दबाजी से बचना, छोटे निवाले लेना और भोजन पर ध्यान देना भी बेहतर खानपान की आदतों का हिस्सा है। इससे व्यक्ति अपने पेट भरने के संकेतों को बेहतर ढंग से महसूस कर सकता है।
निष्कर्ष: हर निवाले को 32 बार चबाना कोई अनिवार्य वैज्ञानिक नियम नहीं है, लेकिन भोजन को अच्छी तरह चबाकर और धीरेधीरे खाना पाचन तथा संतुलित भोजन की आदत के लिए उपयोगी हो सकता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल चबाने की संख्या नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और पूरी जीवनशैली भी महत्वपूर्ण है।



