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​मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं… अखिलेश यादव ने सीएम योगी को दी चुनौती

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. समाजवादी पार्टी नेता तेज नारायण उर्फ पवन पांडे ने रसूलाबाद में एक श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन किया है. अखिलेश यादव इसी कथा के समापन समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे.

​मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं… अखिलेश यादव ने सीएम योगी को दी चुनौती

इस अवसर पर ने सीएम योगी पर निशाना साधा. उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं. सरकार आने पर अयोध्या में अयोध्या वासियों को काम मिलेगा. हर साल यूपी की महिलाओं को 40 हजार रुपए दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि जब हम सबको समान मानते हैं, सब की गरिमा, प्रतिष्ठा का सम्मान व संरक्षण करते हैं, तो दरअसल हम सामाजिक न्याय को सुनिश्चित कर रहे होते हैं. भगवान कृष्ण ने द्वारका में 16,000 बंदी महिलाओं को अपने नाम, सौभाग्य से जोड़कर उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी. उन्हें समाज में बराबरी दिलाई. वो पीड़ित, शोषित, वंचितों के उद्धार का सबसे बड़ा उदाहरण हैं.

कृष्ण के सुदर्शन चक्र का जिक्र कर अखिलेश ने बोला हमला

उन्होंने कहा कि जहां हम भागवत कथा से बहुत कुछ सीखते हैं, जहां हम लोग कथा से बहुत कुछ प्रेरणा लेते हैं, वहीं भागवत कथा से आज के सरकारी संस्थाओं के लिए भी सीख निकलती है और मैं देख रहा था कि अभी हमारे पवन पांडे ने हमारे हाथ में चक्र भगवान श्रीकृष्ण का दिया था.

उन्होंने कहा कि भागवत कथा कहीं न कहीं यह सीख देती है और वो हमारे अधिकारियों के लिए भी सीख है कि सत्ता की एजेंसियों को कृष्ण जी से यह सीखना चाहिए कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, सज्जनों को डराने के लिए नहीं है। जो चक्र है वो सज्जनों की रक्षा के लिए होता है.

राज छल से नहीं, जनमत से मिलता है… बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि सज्जनों का सम्मान कैसे हो, यह हमारे अधिकारियों को भी, सरकार के लोगों को भी भगवान प्रभु श्रीकृष्ण भागवत कथा से यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि जो सुदर्शन चक्र है, वो सज्जनों की रक्षा के लिए है, सज्जनों को डराने के लिए नहीं है। शक्ति सदुपयोग के लिए होती है, शक्ति दुरुपयोग के लिए नहीं होती है. आज के सत्ताधीश और चुनाव आयोग को कृष्ण भगवान से सीखना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राज छल से नहीं, प्रेम और जनमत से मिलता है. कृष्ण जी ने कभी छल से हस्तिनापुर की गद्दी दिलवाने का कोई भी प्रयास नहीं किया, बल्कि उन्होंने तो धर्म के पक्ष में खड़े होकर पांडवों को न्याय दिलाने का काम किया था.

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