GST Council Meeting 2026: जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं।

8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियां खत्म करने और आपराधिक मुकदमा चलाने की न्यूनतम सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स से जुड़े मामलों में कानूनी जटिलताएं कम करना और कारोबारियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना है।
GST Council decides: Arrest, Prosecution, and General penalty
•The power of arrest is being removed from GST.
•The threshold for prosecution goes up from Rs 1 crore to Rs 5 crore. The minimum punishment stands removed and the punishment whether fine or imprisonment or both,… https://t.co/ff6jxtGG2Q— ANI October 8, 2026
सजा का फैसला अदालत के विवेक पर छोड़ा
काउंसिल के फैसले के मुताबिक, जीएसटी से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाने की रकम की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने और सजा का निर्धारण अदालत के विवेक पर छोड़ने को भी मंजूरी दी गई है। अदालत मामले की परिस्थितियों के आधार पर जुर्माना, जेल या दोनों का फैसला कर सकेगी।
जीएसटी काउंसिल ने जुर्माना की राशि घटाई
सामान्य जुर्माने की अधिकतम राशि भी 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रावधान उन मामलों से संबंधित है, जिनके लिए अलग से कोई विशेष जुर्माना निर्धारित नहीं है।
रिटर्न, भुगतान में देरी में जुर्माना पर राहत
रिटर्न दाखिल करने में देरी, भुगतान में विलंब या सामान्य अनुपालन संबंधी गलतियों के मामलों में टैक्स रिकवरी, ब्याज और निर्धारित अनुपात में जुर्माने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
इन फैसलों से छोटे कारोबारियों और एमएसएमई को राहत मिलने की उम्मीद है।



