
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन तुला राशि में चंद्रमा, बुध और शुक्र की युति से त्रिग्रही योग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष शास्त्र में इस तरह की ग्रह स्थिति को कुछ राशियों के लिए शुभ संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसका प्रभाव आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और करियर पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं किन तीन राशियों के लिए यह योग खास माना जा रहा है।
1. कर्क राशि
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कर्क राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में यह योग बनने की बात कही गई है। चतुर्थ भाव का संबंध सुख-सुविधाओं, घर और पारिवारिक जीवन से माना जाता है।
- आर्थिक स्थिति: आमदनी और आर्थिक योजनाओं को बेहतर बनाने के अवसर मिल सकते हैं।
- घर-परिवार: परिवार के साथ समय बिताने और घरेलू मामलों को सुलझाने पर ध्यान दे सकते हैं।
- संपत्ति: मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय योजनाओं की समीक्षा करने का अवसर हो सकता है।
2. धनु राशि
धनु राशि के लिए त्रिग्रही योग को लाभ भाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह भाव आय, उपलब्धियों और सामाजिक संपर्कों का प्रतिनिधित्व करता है।
- करियर: नौकरी में नई जिम्मेदारियों या आगे बढ़ने के अवसर मिलने की संभावना जताई जाती है।
- आर्थिक पक्ष: आय बढ़ाने और धन से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान देने का समय हो सकता है।
- शिक्षा: विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर लगातार मेहनत करने से लाभ मिल सकता है।
- परिवार: भाई-बहनों और करीबी लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण रह सकता है।
3. मकर राशि
मकर राशि के जातकों के दसवें भाव में इस योग का प्रभाव पड़ने की ज्योतिषीय मान्यता है। दसवां भाव कर्म, पेशे और सामाजिक प्रतिष्ठा से संबंधित माना जाता है।
- नौकरी: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां या बदलाव के अवसर सामने आ सकते हैं।
- व्यापार: कारोबार से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा और नए अवसरों पर विचार करने का समय हो सकता है।
- आर्थिक उन्नति: आय बढ़ाने के लिए नए विकल्प तलाशने पर ध्यान दिया जा सकता है।
- भविष्य की योजना: करियर में आगे बढ़ने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना उपयोगी रहेगा।
नवरात्रि के पहले दिन क्यों खास माना जा रहा है यह योग?
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि और संवाद, शुक्र को सुख-सुविधाओं तथा चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है। इन तीन ग्रहों की एक राशि में युति को त्रिग्रही योग कहा जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इसकी व्याख्या अलग-अलग राशियों के संदर्भ में की जाती है।
हालांकि, ग्रहों की स्थिति के आधार पर धन लाभ, नौकरी में तरक्की या अन्य घटनाओं की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम नहीं। आर्थिक और करियर संबंधी फैसले अपनी वास्तविक परिस्थितियों और सोच-विचार के आधार पर ही लेने चाहिए।


