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बुलंदशहर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, नहर में फेंके जाने के बाद दो घंटे तक मौत से लड़ती रही; मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार.

बुलंदशहर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, नहर में फेंके जाने के बाद दो घंटे तक मौत से लड़ती रही; मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार.

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में फेंकने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी को डूबा हुआ समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन वह पानी में करीब दो घंटे तक जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष करती रही। ग्रामीणों की मदद से उसे नहर से बाहर निकाला गया। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि उसके एक साथी को भी पकड़ा गया है।

पुलिस से मुठभेड़ में एक आरोपी घायल

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात खुर्जा देहात पुलिस धरपा मोड़ के पास जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि मामले में वांछित शफीक नहर की पटरी के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और एक बाइक बरामद करने की बात कही है। दूसरे आरोपी भूरा को भी गिरफ्तार किया गया है।

काम दिलाने के बहाने ले जाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, मामले में तारा, उसके पति शफीक और उनके साथी भूरा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। किशोरी के माता-पिता के साथ नहीं रहने के कारण वह अपनी ताई के पास रह रही थी। आरोप है कि 26 सितंबर को उसे घरेलू काम सीखने के लिए तारा के पास भेजा गया था। इसके बाद दिल्ली में काम दिलाने की बात कहकर उसे शफीक के साथ भेज दिया गया।

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, मंगलवार शाम आरोपी किशोरी को बाइक पर बैठाकर सुनसान ग्रामीण रास्तों और नहर की पटरियों के आसपास ले गए। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

नहर में फेंककर भागने का आरोप

पुलिस के अनुसार, किशोरी के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका गला दबाया और फिर चीती गांव के पास उसे नहर में धकेल दिया। आरोपी उसे डूबा हुआ समझकर वहां से भाग गए।

हालांकि, किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी। उसे तैरना आता था, इसलिए उसने पानी में खुद को संभालने की कोशिश की। बहाव के बीच वह पेड़ की टहनी और झाड़ियों का सहारा लेकर बचने का प्रयास करती रही और मदद के लिए आवाज लगाती रही।

ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे बाहर निकाला

बताया गया है कि बुधवार तड़के करीब तीन बजे एक ग्रामीण ने किशोरी की चीख सुनी और आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद नरेंद्र और अरुण नाम के ग्रामीण रस्सी की मदद से नहर में उतरे और किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने किशोरी को उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा। फिलहाल उसे सुरक्षा के बीच वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस उसके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

तीन लोगों की भूमिका की जांच

पुलिस के मुताबिक, भूरा और शफीक को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तारा की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किशोरी का बयान दर्ज कराने समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

किशोरी को बचाने में मदद करने वाली डायल 112 टीम के कमांडर और सहचालक को 2,500-2,500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के प्रारंभिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को साझा करने से बचना चाहिए।

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