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‘व्यूज के लिए भारत की गंदगी दिखाते हैं विदेशी व्लॉगर्स’, ब्रिटिश टूरिस्ट ने खोली पोल, बोला- यहां जैसा प्यार कहीं नहीं!

‘व्यूज के लिए भारत की गंदगी दिखाते हैं विदेशी व्लॉगर्स’, ब्रिटिश टूरिस्ट ने खोली पोल, बोला- यहां जैसा प्यार कहीं नहीं!

भारत: सोशल मीडिया पर भारत की नकारात्मक तस्वीर दिखाने वाले विदेशी ट्रैवल व्लॉगर्स को लेकर ब्रिटिश टूरिस्ट रिचर्ड ला रुइना ने नाराजगी जताई है। दूसरी बार भारत घूमने आए रिचर्ड का कहना है कि कुछ विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स देश की खूबसूरत जगहों, समृद्ध संस्कृति और लोगों के अपनापन दिखाने के बजाय केवल गंदगी और बदहाल इलाकों पर ध्यान देते हैं। उनके मुताबिक, किसी देश की पहचान सिर्फ उसकी कमियों से नहीं की जा सकती।

भारत की बुरी तस्वीर दिखाकर व्यूज जुटाने का आरोप

रिचर्ड ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत से जुड़ी कई ऑनलाइन पोस्ट और ट्रैवल कंटेंट में नकारात्मक पहलुओं को ज्यादा दिखाया जाता है। उनका मानना है कि कुछ व्लॉगर्स जानबूझकर ऐसी जगहों को अपने कैमरे में कैद करते हैं, जहां गंदगी या अव्यवस्था नजर आती है, ताकि उनके कंटेंट को ज्यादा व्यूज मिल सकें।

हालांकि, रिचर्ड ने यह भी माना कि किसी देश की समस्याओं को दिखाना गलत नहीं है। उनका सवाल इस बात पर है कि जब किसी देश की केवल कमियां दिखाई जाती हैं, तो उसकी पूरी तस्वीर दर्शकों तक कैसे पहुंचेगी?

दूसरी बार भारत आए, लोगों के व्यवहार ने जीता दिल

ब्रिटिश टूरिस्ट ने अपने भारत दौरे का अनुभव बताते हुए कहा कि यहां उन्हें इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली नकारात्मक तस्वीर से अलग अनुभव मिला। उन्होंने खूबसूरत जगहों की यात्रा की और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उनके मुताबिक, लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करना और मदद के लिए आगे आना उनके लिए यादगार रहा।

रिचर्ड ने भारत की मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोगों का व्यवहार उनके अनुभव का खास हिस्सा रहा। उनके लिए भारत की खूबसूरती सिर्फ पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की संस्कृति और लोगों के अपनापन में भी दिखाई देती है।

‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा से हुए प्रभावित

भारतीय संस्कृति में अतिथि को विशेष सम्मान देने की परंपरा को ‘अतिथि देवो भव:’ कहा जाता है। रिचर्ड के अनुभव में भी मेहमाननवाजी का पहलू प्रमुख रहा। उन्होंने अपने दौरे के दौरान कुछ जगहों पर हवा की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी सकारात्मक अनुभव साझा किए।

हालांकि, प्रदूषण, स्वच्छता और सुरक्षा की स्थिति अलग-अलग शहरों और इलाकों में अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक पर्यटक के अनुभव को पूरे देश की स्थिति नहीं माना जा सकता।

भारत की विविधता इसे बनाती है खास

रिचर्ड का मानना है कि दुनिया के कई हिस्सों में घूमने के बाद कुछ जगहें एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन भारत में अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति, खानपान, भाषा और रहन-सहन में काफी विविधता देखने को मिलती है। यही चीज देश को यात्रियों के लिए खास बनाती है।

उनकी पोस्ट के जरिए यह सवाल भी उठा कि सोशल मीडिया पर किसी देश की छवि बनाते समय क्या केवल सनसनीखेज और नकारात्मक पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए? किसी भी जगह की वास्तविक तस्वीर समझने के लिए वहां की समस्याओं के साथ-साथ उसकी संस्कृति, उपलब्धियों और लोगों के अनुभवों को भी देखना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

रिचर्ड की पोस्ट पर कई यूजर्स ने उनके विचारों की सराहना की। कुछ लोगों ने कहा कि किसी देश को समझने के लिए वहां जाकर अलग-अलग जगहों और लोगों का अनुभव लेना जरूरी है। वहीं, कुछ यूजर्स ने उनकी पोस्ट से प्रेरित होकर भारत के विभिन्न हिस्सों को घूमने की इच्छा भी जाहिर की।

रिचर्ड की बात का सार यही है कि भारत को केवल गंदगी या किसी एक नकारात्मक तस्वीर से नहीं समझा जा सकता। देश की खूबियों और चुनौतियों, दोनों को दिखाने से ही उसकी अधिक संतुलित तस्वीर सामने आ सकती है।

 

 

 

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