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ग्वालियर में महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग का आरोप, मोबाइल में 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा; पुलिस जांच में जुटी.

ग्वालियर में महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग का आरोप, मोबाइल में 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा; पुलिस जांच में जुटी.

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से दोस्ती करने और वीडियो कॉल के दौरान उनकी कथित तौर पर गुप्त रिकॉर्डिंग करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 40 वर्षीय योगेश गुप्ता को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों की महिलाओं से जुड़ी 50 से अधिक आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा किया गया है।

सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित सारिका नगर का निवासी है और पानी का प्लांट चलाता है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था और उनसे ऑनलाइन दोस्ती बढ़ाता था।

जांच में सामने आए शुरुआती दावों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर 40 से 50 वर्ष की विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं को निशाना बनाता था। बताया गया है कि पीड़ित महिलाओं में एक पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक डॉक्टर भी शामिल हो सकती हैं। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग करने का संदेह

पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन में कई संदिग्ध क्लिप मिलने की जानकारी मिली है। आरोप है कि वह वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग के माध्यम से महिलाओं की निजी बातचीत या गतिविधियों को उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड करता था। जांचकर्ताओं को यह आशंका भी है कि रिकॉर्डिंग के लिए स्पाई कैमरे का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

पुलिस अब मोबाइल फोन में मौजूद फाइलों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग कैसे की गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की सूचना के बाद कार्रवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला कार्यकर्ता ने आरोपी की गतिविधियों के बारे में सनातन सेना के पदाधिकारियों को जानकारी दी थी। इसके बाद आरोपी को एक बैठक के बहाने बुलाया गया और कथित रिकॉर्डिंग सामने आने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन से मिले नंबरों के जरिए संबंधित महिलाओं से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।

ब्लैकमेलिंग हुई या नहीं, इसकी भी जांच

जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर भी है कि क्या कथित रिकॉर्डिंग के बाद किसी महिला को धमकी दी गई, उस पर दबाव बनाया गया या ब्लैकमेल करने की कोशिश हुई। पैसों की मांग किए जाने की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, झांसी की एक महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हुई है। पुलिस उसके बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मौजूद डेटा की जांच कर रही है। इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संदिग्ध क्लिप कितनी हैं, वे किन परिस्थितियों में बनाई गईं और क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया था।

फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की ओर से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और संबंधित महिलाओं के बयानों के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और शुरुआती जांच से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और संभावित ब्लैकमेलिंग की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

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