GajabIndiaTrending

Google में स्लीप पॉड्स और गेमिंग जोन नहीं, ये है सबसे बड़ी खासियत! महिला ने बताया ऑफिस का ऐसा सच, जो हर नौकरीपेशा को सोचने पर करेगा मजबूर.

Google में स्लीप पॉड्स और गेमिंग जोन नहीं, ये है सबसे बड़ी खासियत! महिला ने बताया ऑफिस का ऐसा सच, जो हर नौकरीपेशा को सोचने पर करेगा मजबूर.

टेक्नोलॉजी: Google में नौकरी का नाम सुनते ही लोगों के मन में शानदार सैलरी, मुफ्त खाना, आलीशान ऑफिस और गेमिंग जोन जैसी सुविधाओं की तस्वीर उभरने लगती है। लेकिन इंस्टाग्राम क्रिएटर हेमा के मुताबिक, कंपनी में काम करने की सबसे बड़ी खासियत इन सुविधाओं में नहीं, बल्कि वहां के लोगों में है। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि उनके आसपास ऐसे प्रतिभाशाली लोग हैं, जिनके साथ काम करते हुए उन्हें खुद को कमतर महसूस नहीं होता।

‘सबसे अच्छी चीज वहां के लोग हैं’

हेमा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि Google में काम करने का सबसे अच्छा पहलू वहां के सहकर्मी हैं। उनके मुताबिक, आसपास ऐसे लोग होना जो अपने काम में कुशल हों, नई चीजें जानते हों और फिर भी दूसरों के साथ सहजता से पेश आते हों, काम करने के माहौल को बेहतर बनाता है।

उनका कहना है कि किसी सहकर्मी का आपसे ज्यादा जानकार या कुशल होना यह जरूरी नहीं बनाता कि वह आपको छोटा महसूस कराए। इसके बजाय, जब लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं और अपना ज्ञान साझा करते हैं, तो सभी को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

बड़े प्रोजेक्ट से लेकर टीम परफॉर्मेंस तक, टीमवर्क पर जोर

हेमा ने बताया कि टीम के साथ काम करने का यह अनुभव बड़े प्रोजेक्ट्स से लेकर सामूहिक कार्यक्रमों की तैयारियों तक दिखाई देता है। उनके अनुसार, लोग मिलकर काम करते हैं और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद भी करते हैं।

उनके अनुभव में, अच्छा कार्यस्थल वह है जहां कर्मचारी केवल अपनी उपलब्धियों पर ध्यान देने के बजाय टीम की सफलता को भी महत्व देते हैं। ऐसा माहौल काम को बेहतर बनाने के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास में भी मदद कर सकता है।

आपके आसपास के लोग आपकी सोच पर डालते हैं असर

हेमा ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यक्ति के आसपास का माहौल उसकी सोच और काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है। जब आसपास ऐसे लोग हों जो लगातार सीखते हैं, अपने काम को गंभीरता से लेते हैं और दूसरों को प्रोत्साहित करते हैं, तो उनसे प्रेरणा मिलना स्वाभाविक है।

इसका मतलब है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए केवल वेतन या पद ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। सहकर्मियों का व्यवहार, सीखने के अवसर और टीम का सहयोग भी नौकरी के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं।

युवाओं को दिया मेहनत जारी रखने का संदेश

हेमा ने अपने अनुभव के जरिए उन युवाओं को भी संदेश दिया जो करियर में अपनी मनचाही मंजिल तक पहुंचने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उनका जोर प्रक्रिया पर भरोसा रखने, लगातार सीखते रहने और ऐसे लोगों के साथ रहने पर है जो आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

उनके मुताबिक, सही माहौल में काम करने से व्यक्ति को अपने कौशल सुधारने और नई चीजें सीखने का अवसर मिलता है। हालांकि, सफलता के लिए मेहनत के साथ अवसर, परिस्थितियां और व्यक्तिगत प्रयास भी मायने रखते हैं।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

हेमा की बात सामने आने के बाद कई यूजर्स ने उनके नजरिए की तारीफ की। कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक कार्यस्थल की अच्छी मिसाल बताया, जबकि एक यूजर ने उनसे प्रोडक्ट मैनेजर की नौकरी के लिए रेफरल तक मांग लिया।

वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि हर कर्मचारी का अनुभव एक जैसा नहीं होता। नौकरी की सुरक्षा, काम का दबाव, प्रबंधन और व्यक्तिगत परिस्थितियां भी किसी कंपनी के प्रति कर्मचारी की राय को प्रभावित करती हैं।

हेमा का अनुभव व्यक्तिगत है और इसे Google के हर कर्मचारी की स्थिति नहीं माना जा सकता। फिर भी उनकी बात एक महत्वपूर्ण सवाल उठाती है—क्या नौकरी को बेहतर बनाने के लिए केवल अच्छी सैलरी और सुविधाएं काफी हैं, या फिर साथ काम करने वाले लोगों का व्यवहार भी उतना ही जरूरी है?

उनके नजरिए से देखें तो सुविधाएं नौकरी को आकर्षक बना सकती हैं, लेकिन सहयोगी सहकर्मी और सीखने का अच्छा माहौल उसे लंबे समय तक संतोषजनक बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

 

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरनेट पर प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। खबर में बताए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हर मामले में संभव नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी को अंतिम सत्य मानने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से उसकी पुष्टि करें।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply