
मुंबई: महाराष्ट्र के पवई इलाके के पॉश हीरानंदानी गार्डन्स में चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 17वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से करीब 25.9 लाख रुपये की नकदी, सोने-हीरे के गहने और 20 सोने के सिक्के गायब हो गए। हैरानी की बात यह है कि फ्लैट के दरवाजे या ताले पर जबरन प्रवेश के निशान नहीं मिले। पवई पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नकदी, गहने और 20 सोने के सिक्के गायब
पुलिस के मुताबिक, चोरी हुए सामान में लगभग 7 लाख रुपये नकद और 20 सोने के सिक्के शामिल हैं। प्रत्येक सिक्के का वजन करीब 10 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा शादी के कड़े, सोने और हीरे की बालियां, ब्रेसलेट, चेन और मंगलसूत्र की दो जोड़ियां भी गायब हैं। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 25.9 लाख रुपये आंकी गई है।
जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जबरन घुसने के स्पष्ट निशान नहीं होने के बावजूद कीमती सामान फ्लैट से कैसे गायब हुआ।
कई साल की बचत से खरीदे थे गोल्ड कॉइन
शिकायतकर्ता कांसर परिवार के अनुसार, 20 सोने के सिक्के कई वर्षों में जमा किए गए थे। परिवार की महिला सदस्य ने वर्ष 2008 से 2014 के बीच कंपनी से मिले बोनस और अपनी बचत से ये सिक्के खरीदे थे।
परिवार ने यह भी बताया कि 13 सितंबर को कच्छ में उनकी जमीन बिकने के बाद दादी से मिली कुछ नकदी भी फ्लैट में रखी गई थी। बाद में यह रकम भी गायब मिली।
सामान सुरक्षित रखने के बाद सामने आई चोरी
परिवार के मुताबिक, 28 अगस्त को नकदी और गहनों की जांच कर उन्हें सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद अलमारी की चाबी लैपटॉप बैग में रख दी गई। अगले दिन परिवार की मौजूदा घरेलू सहायिका उनके साथ भंडारदरा गई थी और परिवार 30 अगस्त को वापस लौटा।
15 सितंबर को दंपति को पता चला कि उनके कीमती सामान गायब हैं। शुरुआत में उन्हें लगा कि परिवार के किसी सदस्य ने सामान कहीं रखा होगा और बाद में मिल जाएगा। लेकिन सामान नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
बाथरूम के ड्रेनेज में मिले खाली पैकेट
मामले में एक अहम सुराग 16 सितंबर को सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, घर की कुक बाथरूम के जाम आउटलेट को साफ कर रही थीं, तभी उन्हें तीन खाली पैकेट मिले, जिनमें सोने के सिक्के रखे गए थे।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये पैकेट बाथरूम के ड्रेनेज तक कैसे पहुंचे और क्या इनका चोरी की घटना से कोई संबंध है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि चोरी किसने की और सामान फ्लैट से बाहर कैसे ले जाया गया।
पूर्व घरेलू सहायिका पर परिवार को शक
कांसर परिवार ने अपनी पूर्व घरेलू सहायिका पर संदेह जताया है। परिवार का दावा है कि उसे घर के अंदर सोशल मीडिया के लिए सामग्री बनाने के कारण नौकरी से हटा दिया गया था। परिवार के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के बाद भी उसके पास फ्लैट की एक चाबी रह गई थी और कई बार मांगने पर भी चाबी वापस नहीं मिली।
हालांकि, यह परिवार की ओर से जताया गया संदेह है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में किसी को दोषी घोषित नहीं किया है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
CCTV बंद होने से जांच में चुनौती
जिस इमारत में फ्लैट स्थित है, वहां सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से संबंधित अवधि में बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कैमरे बंद होने की वजह क्या थी और क्या किसी को इस स्थिति की पहले से जानकारी थी।
जांच के तहत सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की जा रही है और आगंतुकों के रजिस्टर की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फ्लैट से कीमती सामान गायब होने के पीछे किसका हाथ है और बिना जबरन प्रवेश के यह घटना कैसे हुई।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले में किसी व्यक्ति पर जताया गया संदेह अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है। चोरी की घटना, जिम्मेदारी और अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।



