सोने की कीमतें एक महीने में लगभग 4 फीसदी गिरकर 1.53 लाख रुपए से 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई हैं. इससे त्योहारों और शादीब्याह के मुख्य सीजन से पहले कुछ लोग खरीदारी कर रहे हैं. इसका कारण भी है. कस्टमर्स कीमतों में गिरावट का फायदा उठाना चाहते हैं और साथ ही कुल खर्च को लेकर सतर्क भी हैं. इंडस्ट्री के अधिकारियों के अनुसार, हल्के वजन वाले डिज़ाइन, जड़े हुए गहने और पुराने सोने के बदले नए गहने लेने का चलन बढ़ रहा है.

सोने के दाम में उतार चढ़ाव बने रहने की उम्मीद
एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि हालिया गिरावट ने भारत में कुछ खरीदारी को बढ़ावा दिया है, हालांकि ग्राहक कीमतों को लेकर सतर्क हैं. उन्होंने कहा कि उतारचढ़ाव बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व की टिप्पणियां और करेंसी में बदलाव कीमतों पर असर डालेंगे, भले ही त्योहारों के दौरान होने वाली खरीदारी घरेलू बुलियन मार्केट को कुछ सहारा दे. सभी प्राइस रेंज में गहनों की मांग बनी हुई है. कैरेटलेन के मैनेजिंग डायरेक्टर सौमेन भौमिक ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि ग्राहक अपने खर्च को लेकर ज्यादा सोचसमझकर फैसला ले रहे हैं, लेकिन वे किफायती और प्रीमियम, दोनों तरह की ज्वेलरी में दिलचस्पी ले रहे हैं. उनके अनुसार, त्योहारों और शादियों का लंबा सीजन, साथ ही डायमंड और रोजाना पहनने वाली ज्वेलरी की लगातार मांग, मार्केट के माहौल को सकारात्मक बनाए हुए है.
कीमतों में हाई स्थिरता
स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने मीडिया रिपार्ट में कहा कि त्योहारों और शादियों के दौरान मांग अच्छी रहने की उम्मीद है. इसे थोक विक्रेताओं से मिलने वाले मजबूत B2B ऑर्डर और ज्वेलरी रिटेलर्स द्वारा स्टोर बढ़ाने से सहारा मिल रहा है. यह कंपनी तनिष्क और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है. उन्होंने कहा कि हालांकि कीमतें ज्यादा हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनमें आई स्थिरता ने ग्राहकों को अपनी खरीदारी की योजना बनाने का भरोसा दिया है. हालांकि, खरीदार डिजाइन से समझौता किए बिना किफायती विकल्प ज़्यादा तलाश रहे हैं. चौहान ने कहा कि हल्के वजन, कम कैरेट और डिज़ाइनप्रधान ज्वेलरी को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जबकि पुराने सोने के बदले नए गहने लेने से ग्राहक अपने बजट में नए डिज़ाइन खरीद पा रहे हैं. युवा खरीदारों के बीच जड़े हुए गहनों की लोकप्रियता भी बढ़ रही है, जिससे मेकर्स इस कैटेगरी में अपने प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा रहे हैं.
वलन नहीं बजट देख रहे हैं खरीदार
कुमारी फाइन ज्वेलरी की फाउंडर सुप्रिया कटारिया ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बढ़ती कीमतें ग्राहकों को ज्वेलरी खरीदने से रोकने के बजाय उन्हें ज़्यादा सोचसमझकर खरीदारी करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. खरीदार हल्के वजन वाले गहनों, कम कैरेट वाले विकल्पों और ऐसे वर्सटाइल डिज़ाइनों में ज़्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं जो खूबसूरती और किफायती दाम के बीच संतुलन बनाते हैं. उन्होंने कहा कि ग्राहक सोने की कीमतों, मेकिंग चार्ज, प्रमोशनल ऑफर और एक्सचेंज वैल्यू की बारीकी से तुलना कर रहे हैं, और खरीदारी के फैसले में ब्रांड पर भरोसा एक अहम भूमिका निभा रहा है.
मांग बने रहने की उम्मीद
यह बदलाव गैरजरूरी खरीदारी में ज्यादा साफ़ तौर पर दिखेगा, जबकि शादियों, त्योहारों और परिवार के खास मौकों पर मांग बनी रहेगी. पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी लेना खरीदारी के खर्च को मैनेज करने का एक अहम तरीका बन रहा है, जिससे परिवार अपनी मौजूदा ज्वेलरी की वैल्यू का इस्तेमाल नई खरीदारी के लिए कर सकते हैं. आने वाले हफ्तों में त्योहारों और शादियों का दौर चलने के कारण, इंडस्ट्री के अधिकारियों को उम्मीद है कि मांग बनी रहेगी, हालांकि खरीदारी के फैसले में ज्यादा समय लग सकता है क्योंकि ग्राहक इमोशनल खर्च और बजट की सीमाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे. अब ज्यादा सोना खरीदने के बजाय, खर्च किए गए हर रुपए के बदले बेहतर डिजाइन और वैल्यू पाने पर ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है.



