टाइप 2 डायबिटीज आज दुनियाभर में एक बड़ी आबादी के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी चिंताजनक समस्या है. दरअसल इसमें शरीर में सिर्फ ब्लड शुगर स्पाइक ही नहीं होता, बल्कि कई और समस्याएं भी होना शुरू हो जाती है. टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए कई दशकों से मेटफॉर्मिन नाम की दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो आमतौर पर ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद करती है. फिलहाल अब यह सस्ती दवा एक और संभावित फायदे के लिए ध्यान खींच रही है और वो है बायोलॉजिकल एजिंग को धीमा करना. चलिए जान लेते हैं कि ये नई स्टडी क्या कहती है.

क्या किसी दवा से सच में ऐसा मुमकिन है कि बायोलॉजिकल एजिंग का प्रोसेस धीमा हो जाए. एक नई साइंटिफिक स्टडी में मेटफॉर्मिन और लंबी उम्र व उम्र बढ़ने से जुड़े बदलावों के बीच संबंध के सबूतों की जांच की गई है. जिसके बाद इंसानों पर दिखे इसके असर के निष्कर्ष थोड़े हैरान कर देते हैं. चलिए सबसे पहले इस बारे में डिटेल के साथ जान लेते हैं.
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और मेटफार्मिन
जब उम्र बढ़ती है तो हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं, जैसे क्रोनिक इन्फ्लेमेशन , एनर्जी लो रहने लगना, सेल्स की मरम्मत में देरी होना और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं, जैसे वजन बढ़ने लगना.
अब बात कर लेते हैं कि मेटफॉर्मिन को लेकर ये स्टडी क्यों? दरअसल ये दवा कई प्रक्रियाओं पर असर डालती है. रिसर्चर खास तौर पर मेटाबॉलिज्म, सूजन और माइटोकॉन्ड्रिया पर इसके असर को समझने की कोशिश कर रहे हैं. माइटोकॉन्ड्रिया वे अंग हैं जो सेल्स के अंदर एनर्जी बनाते हैं. जानवरों पर हुई रिसर्च से पता चला है कि मेटफॉर्मिन उम्र बढ़ा सकती है या सीधे तौर पर कहा जाए तो सेहतमंद बुढ़ापे से जुड़े लक्षणों में सुधार कर सकती है. हालांकि इन नतीजों को इंसानों पर लागू नहीं कर सकते हैं.
मेटफॉर्मिन पर डिजाइन की गई स्टडी
TAME नामक एक बड़ी क्लिनिकल स्टडी को यह पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया था कि क्या मेटफॉर्मिन बिना डायबिटीज वाले बुजुर्गों में उम्र से जुड़ी कई बीमारियों को टाल सकती है. हालांकि, यह ट्रायल कई वजहों से रुका हुआ है और इससे ऐसे नतीजे नहीं मिले हैं जिनसे मेटफॉर्मिन को एंटीएजिंग ट्रीटमेंट के तौर पर स्थापित किया जा सके.
अध्ययन क्या कहते हैं?
में दी गई जानकारी के मुताबिक, डायबिटीज के अलावा, मधुमेह के अलावा, मेटफॉर्मिन उम्र से संबंधित बीमारियों जैसे कि अपक्षयी हड्डी रोग जैसे ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस और डिजेनरेटिव डिस्क डिजीज, से लेकर दिल से जुड़ी समस्याओं, न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग , मोटापा के अलावा मेटाबॉलिज्म से जुड़ी चयापचय संबंधी असामान्यताओं के लिए प्रभावी साबित हुई है. हालांकि इस दवा को उम्र कम करने के लिए अभी सीधे तौर पर उपयोग करने के लिए किसी तरह का स्पष्ट प्रमाण नहीं है.
डायबिटीज में सेहत का ख्याल
- अगर ब्लड शुगर बढ़ जाता है तो एडेड और हिडन को डाइट से बिल्कुल हटा देना चाहिए.
- डाइट से ज्यादा स्टार्च वाले फूड जैसे चावल, आलू, मक्का, मैदा से बनी चीजों को भी बहुत कम कर देना सही रहता है.
- अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी सब्जियां, हेल्दी फैट्स के लिए नट्स, सीड्स शामिल करने चाहिए.
- खाना खाने के बाद कुछ मिनट की सैर जरूर करनी चाहिए ताकि ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सके.
- डेली रूटीन में लगभग 30 मिनट की एक्सरसाइज या फिर योग करने की आदत डालनी चाहिए.



