शेयर बाजार में उतारचढ़ाव का माहौल है. बाजार चार दिन गिरता है तो एक दिन उठता है. बाजार की इस गिरावट के बीच ग्रोथ फंड फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं. एसोसिएशन ऑफ़ म्यूचुअल फंड्स ऑफ़ इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में मिडकैप कैटेगरी में 6,940 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले साल सितंबर के मुकाबले लगभग 37 प्रतिशत ज़्यादा है. मिडकैप फंड में निवेशकों की दिलचस्पी की मुख्य वजह मिडकैप शेयरों में हालिया गिरावट है, जिससे मौजूदा स्तर पर यह कैटेगरी बहुत आकर्षक हो गई है.

मिडकैप फंड भारत में सबसे पुराने तरह के म्यूचुअल फंड में से एक हैं और ये उन कंपनियों में निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हैं जिन्होंने अतीत में औसत से बेहतर ग्रोथ दिखाई है. इस कैटेगरी के म्यूचुअल फंड की मुख्य विशेषता नियमित डिविडेंड भुगतान के बजाय कैपिटल एप्रिसिएशन पर ज़ोर देना है. मिडकैप कैटेगरी ने निवेशकों को ज़बरदस्त रिटर्न दिया है.
1 लाख को बनाया 4.3 करोड़ रुपए
निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड का उदाहरण लें, जो 1995 में निप्पॉन इंडिया के शुरुआती म्यूचुअल फंड में से एक था. अगर किसी निवेशक ने फंड के लॉन्च के समय 1 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता, तो आज उसकी कीमत 4.3 करोड़ रुपये होती. फंड ने लगभग 22% का CAGR दिया है. यह फंड पिछले 3 दशकों में कभी भी अपने 10 रुपये के फेस वैल्यू से नीचे नहीं गया है.
7 सालों में इन मिडकैप फंड्स से शानदार रिटर्न
| Nippon | 22.39% |
| HDFC | 21.82% |
| Kotak | 20.60% |
| SBI | 19.56% |
| Aditya Birla | 17.85% |
10 साल में 19 फीसदी का रिटर्न
एडलवाइस और इनवेस्को म्यूचुअल फंड जैसे फंड हाउस के मिडकैप फंड ने पिछले दस वर्षों में 17% से 19% के बीच रिटर्न दिया है. मिडकैप कैटेगरी को आकर्षक माना जाता है क्योंकि यह ग्रोथ और स्टेबिलिटी के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती है. मिडकैप कंपनियां शुरुआती दौर की स्मॉलकैप कंपनियों के अस्तित्व के जोखिमों से आगे निकल चुकी होती हैं, और साथ ही मैच्योर, लार्जकैप ब्लूचिप कंपनियों की तुलना में ज़्यादा रेवेन्यू ग्रोथ रेट की संभावना देती हैं. इसके अलावा, मिडकैप कंपनियां अक्सर तेज़ी से बढ़ने वाले सेक्टर—जैसे स्पेशलाइज़्ड मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी—में काम करती हैं, जहाँ वे अनऑर्गनाइज़्ड प्लेयर्स या पुराने मार्केट लीडर्स से तेज़ी से मार्केट शेयर हासिल कर रही हैं.
लंबी अवधि में तगड़ा रिटर्न
अगर आप रिटर्न को देखें, तो ग्रोथओरिएंटेड मिडकैप फंड्स को 5 से 10 साल की अवधि में लंबी अवधि के लिए अच्छी वेल्थ बनाने वाले फंड्स माना जाता है. मिडसाइज कंपनियों की कमाई में तेज़ी से बढ़ोतरी के कारण ये अक्सर लार्जकैप बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करते हैं. 5 साल के रिटर्न पर नजर डालें. इस कैटेगरी के टॉप 3 फंड्स ने 20% से ज़्यादा रिटर्न दिया है. निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड 22.62% के साथ सबसे आगे है, इसके बाद एडलवाइस और HDFC मिडकैप फंड का नंबर आता है, जिन्होंने क्रमशः 21.30% और 21.12% रिटर्न दिया है.
क्यों मिलता है बेहतर मुनाफा
लार्जकैप स्टॉक्स के उलट, जिन पर दर्जनों ग्लोबल एनालिस्ट नजर रखते हैं, मिडकैप कंपनियाँ अक्सर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की नज़र में आने से पहले सही वैल्यूएशन पर ट्रेड करती हैं. इससे फंड मैनेजरों को कंपनियों के बड़े होने पर अच्छा फ़ायदा उठाने का मौका मिलता है. यही वजह है कि मिडकैप फंड्स म्यूचुअल फंड्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कैटेगरी में शामिल हैं और इन्होंने पिछले 5 सालों में औसतन 15% CAGR दिया है.



