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लखनऊ: अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक की मौत, परिजनों ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

लखनऊ: अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक की मौत, परिजनों ने लिव-इन पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला चर्चा में है। हजरतगंज इलाके के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उसकी जान चली गई। परिजनों ने इसे सामान्य हादसा या आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए उसकी लिव-इन पार्टनर और अन्य लोगों पर हत्या, मानसिक प्रताड़ना तथा ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों के मुताबिक, शिवा के शरीर पर चोटों और सिगरेट से दागने के निशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से पहले उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

शरीर पर चोटों के निशान मिलने का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद शिवा के शरीर पर केवल अंडरवियर होने और चेहरे पर लिपस्टिक लगे होने की बात सामने आई। परिजनों ने शरीर पर सिगरेट से दागने सहित कई चोटों के निशान होने का भी दावा किया है।

परिवार का आरोप है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। परिजनों के विरोध के बाद चोटों को पंचनामे में शामिल किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

इन परिस्थितियों से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। पुलिस जांच में मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तथ्यों की अहम भूमिका होगी।

लिव-इन पार्टनर पर ब्लैकमेलिंग का आरोप

शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया है कि उसकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे पिछले कुछ महीनों से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित और ब्लैकमेल कर रही थी। परिवार का दावा है कि महिला अपनी कथित राजनीतिक और प्रभावशाली पहुंच का हवाला देकर शिवा पर दबाव बनाती थी।

परिजनों ने पुलिस को दोनों के बीच हुई बताई जा रही व्हाट्सऐप बातचीत भी सौंपी है। परिवार का कहना है कि इन संदेशों की जांच से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्षों का विवरण और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

पुराने आपराधिक मामले का भी हो रहा जिक्र

रिपोर्ट में शिवा के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि वह गोमती नगर में हुई फायरिंग की एक घटना के मामले में नामजद था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उसे बिहार के पटना से गिरफ्तार किया था।

परिजनों का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद उसके पुराने मामले को लेकर भी उसे डराया जाता था। परिवार के मुताबिक, इसी डर का कथित तौर पर फायदा उठाकर उस पर दबाव बनाया जा रहा था।

शिवा के पुराने मामले का वर्तमान घटना से क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। किसी पुराने आपराधिक मामले में नामजद होना अपने आप में उसकी मौत की परिस्थितियों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं देता।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

रिपोर्ट के मुताबिक, शिवा की मां की शिकायत पर हजरतगंज पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे, आदिल और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। परिवार ने इन लोगों पर कथित साजिश और हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।

हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त के हवाले से बताया गया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल बातचीत और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर रही है।

फिलहाल, शिवा की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और परिजनों की शिकायत में बताए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह और संबंधित लोगों की भूमिका पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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