
पंजाब के तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नूआ कस्बे में काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात एएसआई इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कथित तौर पर उनकी पत्नी दर्शन कौर के सामने ही वारदात को अंजाम दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक पर आए नकाबपोश हमलावरों ने एएसआई के सीने में दो गोलियां मारीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बाजार से लौटते समय किया हमला
जानकारी के अनुसार, इकबाल सिंह फिरोजपुर में काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात थे। वह शाम करीब पांच बजे मल्लांवाला से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। रात में नौशहरा पन्नूआ कस्बे में पटवारखाने के पास उनकी पत्नी दर्शन कौर घरेलू सामान खरीदकर एक्टिवा से लौट रही थीं।
इसी दौरान बाइक पर सवार नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और इकबाल सिंह पर फायरिंग कर दी। बताया गया है कि दो गोलियां उनके सीने में लगीं। गोली लगने के बाद उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। घायल एएसआई को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
तीन संदिग्ध हिरासत में, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। देर रात तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावर बाइक से आए थे, लेकिन वारदात के बाद किसी दूसरी कार में बैठकर फरार हुए होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस घटनाक्रम की पुष्टि करने के लिए साक्ष्य जुटा रही है।
सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों के नाम से जिम्मेदारी लेने के दावे
इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। रिपोर्टों में प्रभजीत दासुवाल, डोनी बल, मेहर रंधावा, अफरीदी तूत और अमर खब्बे के नाम सामने आए हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इन पोस्टों की सत्यता और घटना से उनके संभावित संबंध की जांच कर रही है। केवल ऑनलाइन पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता को निश्चित नहीं माना जा सकता।
भतीजे की हत्या के पहलू की भी जांच
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले सरहाली कलां थाने पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले के मुख्य साजिशकर्ता बताए गए अजमीत की भी इसी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया है कि अजमीत एएसआई इकबाल सिंह का भतीजा था और वह अगस्त में केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब से जमानत पर बाहर आया था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इकबाल सिंह को पहले किसी तरह की धमकी मिली थी और क्या इस घटना का उनके भतीजे की हत्या से कोई संबंध है। फिलहाल इन संभावित कड़ियों की पुष्टि नहीं हुई है।
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे मामले की निगरानी
एसएसपी सुरेंद्र लांबा के अनुसार, पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों से पूछताछ और सोशल मीडिया पर किए गए दावों की पड़ताल की जा रही है। एएसआई के शव का पोस्टमार्टम तरनतारन के सिविल अस्पताल में कराया जाना था।
फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावों और संभावित आपराधिक संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।



