IndiaTrendingUncategorized

सीएम योगी ने संन्यासियों: को समझाया धर्म और धन का संबंध, बोले- राष्ट्र पर संकट आए तो रक्षा के लिए भी रहना चाहिए तैयार

सीएम योगी ने संन्यासियों: को समझाया धर्म और धन का संबंध, बोले- राष्ट्र पर संकट आए तो रक्षा के लिए भी रहना चाहिए तैयार

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संन्यासी के जीवन का उद्देश्य धन नहीं, बल्कि धर्म और लोककल्याण होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धन के लिए धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए और यदि राष्ट्र पर संकट आए तो उसकी रक्षा के लिए संघर्ष करने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके संबोधन में धर्म, आध्यात्मिक साधना, राष्ट्र रक्षा और सामाजिक सेवा के विषय प्रमुख रहे।

मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने संघ की आध्यात्मिक और सामाजिक सेवाओं की सराहना की तथा संतों की भूमिका को राष्ट्र जागरण से जोड़कर बताया।

धन के लिए धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संन्यासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके जीवन का ध्येय धर्म और आदर्शों के प्रति समर्पित रहना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धन को धर्म से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

योगी ने अपने संबोधन में युद्ध और राष्ट्र रक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि शांति के समय संयम, साधना और लोककल्याण महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जब देश पर संकट आए तो उसकी रक्षा के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उनके बयान का संदेश था कि आध्यात्मिकता का अर्थ केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है।

काशी और अयोध्या का जिक्र कर कही यह बात

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्र पर संकट आता है, तो उसकी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक धरोहर भी प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर और राम जन्मभूमि का उदाहरण देते हुए इतिहास में धार्मिक स्थलों को लेकर हुए संघर्षों का जिक्र किया। योगी ने कहा कि देश ने अतीत में विभाजन और आपसी बंटवारे के गंभीर परिणाम झेले हैं। उनके अनुसार, संतों ने आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ समाज में जागरूकता पैदा करने में भी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए इन्हें सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।

स्वामी प्रणवानंद महाराज और गोरक्षपीठ का संबंध

कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज के गोरक्षपीठ से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1912-13 के आसपास स्वामी प्रणवानंद, जो उस समय कम उम्र के थे, अपने गुरु की तलाश में गोरखपुर पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ से हुई थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रसंग के माध्यम से स्वामी प्रणवानंद की आध्यात्मिक साधना और उनके जीवन की दिशा पर प्रकाश डाला।

योगी के अनुसार, आगे चलकर स्वामी प्रणवानंद ने आध्यात्मिक चेतना को सामाजिक सेवा और राष्ट्र जागरण से जोड़ने का कार्य किया। भारत सेवाश्रम संघ की गतिविधियों को भी इसी परंपरा से जोड़कर देखा जाता है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा की स्थापना वर्ष 1926 में हुई थी। उन्होंने बताया कि पराधीनता के दौर में भी संघ ने धार्मिक-सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी भूमिका निभाई।

अपने भाषण में उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी प्रणवानंद महाराज के विचारों का उनके जीवन पर प्रभाव पड़ा था। योगी ने जनसंघ के गठन की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए इसे उस दौर की राजनीतिक और वैचारिक परिस्थितियों से जोड़ा।

100 परिवारों को बांटी गईं सिलाई मशीनें

शताब्दी समारोह में धार्मिक और वैचारिक विषयों के साथ सामाजिक सेवा से जुड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इनमें से पांच परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से मशीनें सौंपीं।

मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा।

समारोह में धर्म, राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, आध्यात्मिक परंपरा और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे विषयों पर जोर दिया गया।

डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री के संबोधन और कार्यक्रम से जुड़े विवरणों को रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply