
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद स्मृति मंधाना ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से उनकी बल्लेबाजी की शैली में कोई बदलाव नहीं आएगा। वह पहले की तरह ही आक्रामक अंदाज में खेलेंगी और टीम की जरूरत के हिसाब से अपना प्रदर्शन करेंगी।
स्मृति मंधाना के लिए कप्तान के तौर पर यह पहली सीरीज है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। सीरीज से पहले मंधाना ने टीम की तैयारियों, नेतृत्व की भूमिका और टी20 क्रिकेट में सुधार की जरूरत पर अपनी बात रखी।
कप्तानी की जानकारी आधिकारिक घोषणा वाले दिन मिली
स्मृति मंधाना ने बताया कि उन्हें पूर्णकालिक कप्तान बनाए जाने की जानकारी उसी दिन मिली, जिस दिन इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। इससे एक दिन पहले टीम के भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर समीक्षा बैठक हुई थी।
इस बैठक में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, मुख्य कोच अमोल मजूमदार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। मंधाना के मुताबिक, बैठक में अगले दो से तीन वर्षों में होने वाले बड़े टूर्नामेंट और टीम की दीर्घकालिक योजनाओं पर चर्चा की गई।
कप्तानी का दबाव बल्लेबाजी पर नहीं पड़ेगा
स्मृति मंधाना अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया कि पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद क्या उनके बल्लेबाजी करने के तरीके में बदलाव आएगा।
इस पर उन्होंने कहा कि कप्तानी मैदान पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ाती है, लेकिन बल्लेबाजी के दौरान उनकी सोच पहले जैसी ही रहेगी। उन्होंने अपने बचपन के कोच की सीख का जिक्र करते हुए बताया कि बल्लेबाजी करने उतरते समय खिलाड़ी को जिम्मेदारी के साथ खेलना चाहिए।
मंधाना ने साफ किया कि जब गेंद उनके खेलने के क्षेत्र में होगी, तो वह अपने स्वाभाविक अंदाज में शॉट खेलने से पीछे नहीं हटेंगी। हालांकि, वह टीम की जरूरत के अनुसार खेलेंगी। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि कप्तानी के साथ वह अपनी आक्रामक शैली और टीम के लिए उपयोगी प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती हैं।
नेतृत्व उनके लिए नई जिम्मेदारी जरूर, लेकिन बिल्कुल नया अनुभव नहीं
मंधाना ने कहा कि वह पहले भी टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा रही हैं। इसलिए कप्तानी उनके लिए पूरी तरह नई भूमिका नहीं है। हालांकि, पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर अब टीम की रणनीति और मैदान पर फैसलों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर अधिक होगी।
उन्होंने टी20 टीम के प्रदर्शन पर भी बात की। मंधाना ने माना कि टीम की स्थिति अच्छी है, लेकिन इसमें करीब 10 प्रतिशत और सुधार की जरूरत है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को इस लक्ष्य के बारे में जानकारी है और टीम लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।
जिम्बाब्वे सीरीज से नई शुरुआत की उम्मीद
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज स्मृति मंधाना के पूर्णकालिक कप्तान के रूप में शुरुआती चुनौती होगी। इस सीरीज में टीम की रणनीति, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और मंधाना के नेतृत्व पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।
मंधाना के बयान से स्पष्ट है कि वह कप्तानी को अतिरिक्त दबाव के बजाय एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देख रही हैं। अब देखना होगा कि उनका यह आत्मविश्वास मैदान पर भारतीय टीम के प्रदर्शन में किस तरह दिखाई देता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और स्मृति मंधाना के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर आधारित है। सीरीज और टीम से जुड़ी जानकारी में आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदलाव संभव है।



