Vineet Minocha Murder Case: कानपुर में परिवार पर आए संकट के बीच दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पत्नी पुनीता मिनोचा के सामने अब कारोबार को संभालने और उसे आगे चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है. पति विनीत मिनोचा की हत्या के बाद उनका बेटा सुब्रत मिनोचा भी जेल में बंद है. ऐसे में कारोबार से जुड़े जरूरी कामकाज को जारी रखने के लिए पुनीता ने कोर्ट का रुख किया है.

उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर जेल में बंद बेटे से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित कराने की अनुमति मांगी है. इस मामले में बुधवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. अब गुरुवार को अदालत में इस अर्जी पर सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है.
पुनीता मिनोचा की 70 प्रतिशत की हिस्सेदारी
अदालत के फैसले पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी.वसीयत के आधार पर मांबेटे की हिस्सेदारी के बारे में पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता पीयूष शुक्ला के मुताबिक, विनीत मिनोचा की वसीयत के अनुसार दवा कारोबार से जुड़ी फर्म में उनकी पत्नी पुनीता मिनोचा की 70 प्रतिशत और बेटे सुब्रत मिनोचा की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इस तरह कारोबार में दोनों की हिस्सेदारी निर्धारित है.
हालांकि, सुब्रत के जेल में बंद होने के कारण कारोबार से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाने में व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ सकती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए पुनीता ने अदालत से अनुमति मांगी है, ताकि बेटे से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से किसी व्यक्ति को निर्धारित अधिकार सौंपे जा सकते हैं.
पांच सितंबर को हुई थी कारोबारी की हत्या
कारोबार के मामले में इसका इस्तेमाल संबंधित व्यक्ति की ओर से अधिकृत कामकाज करने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, इस मामले में पुनीता को किन अधिकारों की आवश्यकता है और अदालत उनकी अर्जी पर क्या निर्णय लेती है, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा. गौरतलब है कि पांच सितंबर को कानपुर के इंदिरा नगर स्थित एक फ्लैट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या का मामला सामने आया था. इस मामले में उनका बेटे सुब्रत मिनोचा भी जेल में बंद हैं.
अदालत में होने वाली सुनवाई अहम
पति की मौत और बेटे के जेल जाने के बाद पुनीता के सामने पारिवारिक परिस्थितियों के साथसाथ कारोबार को संभालने की जिम्मेदारी भी है. अब उनकी अर्जी पर अदालत में होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है. पुनीता ने बेटे से पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित कराने की अनुमति मांगी है, ताकि कारोबार से जुड़े मामलों को व्यवस्थित ढंग से संभालने का रास्ता निकल सके.
फिलहाल, बुधवार को सुनवाई टलने के बाद सभी की निगाहें गुरुवार को होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हैं. अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है, इससे आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी.



