
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति-पत्नी के विवाद का एक मामला सामने आया है, जिसमें पति को दूसरी महिला के साथ कार में देखकर पत्नी ने विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिला कार के बोनट पर चढ़ गई। आरोप है कि इसके बाद पति ने कार आगे बढ़ा दी और महिला जान बचाने के लिए बोनट को पकड़े रही। घटना के बाद पुलिस ने पति और उसके साथ मौजूद महिला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कार को भी सीज कर दिया गया।
दूसरी महिला के साथ कार में दिखा पति
मामला मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, काजीपुर निवासी सुनीता को पता चला कि उसका पति मयंक किसी दूसरी महिला के साथ कार में मौजूद है। इसके बाद वह हापुड़ रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास पहुंची।
सुनीता ने कार रुकवाकर पति के साथ मौजूद महिला का विरोध किया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। बताया गया है कि पत्नी दूसरी महिला को कार से उतरने के लिए कहने लगी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
बोनट पर लटकी रही पत्नी, कार चलाने का आरोप
महिला की शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान मयंक ने कार आगे बढ़ा दी। इसी बीच सुनीता कार के बोनट पर चढ़ गई और उसे पकड़कर लटकी रही। आरोप है कि कार काफी दूरी तक चलती रही और इस दौरान महिला की जान खतरे में पड़ गई।
सुनीता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे नीचे गिराने के लिए कार को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और कार रुकवाकर महिला को नीचे उतरने में मदद की। महिला ने आगे मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया है।
शिकायत के बाद पति और दूसरी महिला गिरफ्तार
घटना के बाद सुनीता ने पुलिस से शिकायत की। उसने अपने पति मयंक और उसके साथ मौजूद माही नाम की महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले में मयंक और माही को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कार को सीज कर दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटना ने खड़े किए सुरक्षा से जुड़े सवाल
इस घटना ने पति-पत्नी के विवाद के दौरान सामने आए खतरनाक हालात को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। किसी चलती कार के बोनट पर लटकना बेहद जोखिम भरा होता है और इससे गंभीर चोट या जान जाने का खतरा हो सकता है। मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और घटनाक्रम की जांच के बाद ही सभी तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस से जुड़ी प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों को जांच के अधीन माना जाना चाहिए; मामले के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।



