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डायबिटीज के मरीज शराब पीने से पहले: ‘जान लें ये जरूरी बातें, ब्लड शुगर’ से लेकर लिवर और कैंसर तक पर पड़ सकता है असर

डायबिटीज के मरीज शराब पीने से पहले: ‘जान लें ये जरूरी बातें, ब्लड शुगर’ से लेकर लिवर और कैंसर तक पर पड़ सकता है असर

हेल्थ डेस्क: डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या शुगर के मरीज शराब पी सकते हैं? शराब का असर केवल लिवर पर ही नहीं, बल्कि ब्लड शुगर के स्तर और शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली कुछ दवाएं लेने वाले लोगों के लिए शराब का सेवन जोखिम भरा हो सकता है।

लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सरीन ने अपनी किताब On Your Body में शराब के सेवन और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर चर्चा की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को शराब के संभावित नुकसान समझने चाहिए और अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डायबिटीज में शराब पीने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

शराब शरीर में ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कितनी शराब पीता है, उसने भोजन किया है या नहीं और वह कौन-सी दवाएं ले रहा है।

इंसुलिन या कुछ अन्य डायबिटीज की दवाएं लेने वाले लोगों में शराब के कारण ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिर सकती है। इसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसका जोखिम शराब पीने के कई घंटे बाद भी बना रह सकता है, खासकर खाली पेट शराब पीने पर।

इसके अलावा, शराब से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। मीठे मिश्रण वाले मादक पेय ब्लड शुगर को शुरुआती दौर में बढ़ा भी सकते हैं।

लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है शराब

लिवर शरीर में शराब को तोड़ने का काम करता है। नियमित रूप से अधिक शराब पीने से लिवर में फैट जमा होने, सूजन और धीरे-धीरे फाइब्रोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। गंभीर मामलों में लिवर सिरोसिस भी हो सकता है।

डायबिटीज के साथ फैटी लिवर और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं मौजूद हों, तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं। इसलिए शुगर के मरीजों को अपनी लिवर संबंधी जांच और स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

शराब और कैंसर के खतरे के बीच क्या संबंध है?

शराब के सेवन का संबंध कई प्रकार के कैंसर से पाया गया है। शरीर में शराब के टूटने से बनने वाला एसीटैल्डिहाइड एक हानिकारक पदार्थ है, जो कैंसर के जोखिम में योगदान दे सकता है।

शराब के सेवन को मुंह, गले, भोजन नली, लिवर, बड़ी आंत और स्तन सहित कई अंगों के कैंसर से जोड़ा गया है। जोखिम आम तौर पर सेवन की मात्रा और अवधि के साथ बढ़ सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति में कैंसर होने की संभावना कई कारकों पर निर्भर करती है और केवल शराब के सेवन से किसी निश्चित परिणाम का अनुमान नहीं लगाया

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