India

​खराब पाचन, वजन बढ़ना…नूडल्स खाने से सेहत को क्या हो सकते हैं नुकसान

इंस्टेंट से लेकर घरों में बनाए जाने वाले नूडल्स और पास्ता, मैकरॉनी तक ज्यादातर मैदा से बने होते हैं. यही कारण है कि इन सभी को सेहत के लिहाज से सही नहीं माना जाता है. आज के समय में बच्चों से लेकर बड़े तक इंस्टेंट नूडल्स के दीवाने हैं. कई लोग तो डेली रूटीन में भी नूडल्स से लेकर मैदा की बनी की चीजें जैसे बर्गर, ब्रेड, पिज्जा खाते हैं. इससे धीरेधीरे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है, जो आपको पता भी नहीं चलता है. नूडल्स या मैदा से बनी चीजें खाने से आपकी सेहत को क्याक्या नुकसान हो सकते हैं. इस बारे में जानिए एक्सपर्ट की राय.

​खराब पाचन, वजन बढ़ना…नूडल्स खाने से सेहत को क्या हो सकते हैं नुकसान

मैदा एक ऐसा आटा है, जिसे गेहूं से ही बनाकर तैयार किया जाता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया में ज्यादातर पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और इसे सफेद, चमकदार बनाने के लिए ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल भी होता है. इस वजह से इससे बनी चीजों का सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता है. जान लेते हैं क्या हैं नुकसान?

क्या ज्यादा नुकसानदायक हैं इंस्टेंट नूडल्स?

इंस्टेंट नूडल्स खाते हैं तो इससे और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है. दरअसल न सिर्फ ये मैदा के बने होते हैं, बल्कि इसमें इसमें सोडियम की मात्रा भी ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कई सारी प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं. वहीं इन नूडल्स के साथ ज्यादातर मसाला भी मिलता है, जिसमें कई केमिकल होने की संभावना रहती है.

गट और पाचन को नुकसान

मुख्य रूप से नूडल्स तैयार करने के लिए मैदा की ही इस्तेमाल किया जाता है, इसिलए इसमें विटामिनमिनरल, प्रोटीन के साथ ही फाइबर भी न के बराबर होता है. इस वजह से इसे पचाना मुश्किल हो जाता है. नूडल्स के शौकीन हैं और रोज इसे खाते हैं तो पाचन के साथ गट को नुकसान पहुंच सकता है. इससे आपको कब्ज, गैस पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

बढ़ सकता है वजन

नूडल्स का अधिक सेवन करने से वजन भी बढ़ सकता है. दरअसल मैदा में कैलोरी ज्यादा और पोषण बहुत कम होता है. इस वजह से इसे खाने के बाद आपको ज्यादा भूख महसूस हो सकती है. इस वजह से ओवरईटिंग भी बढ़ सकती है. इसके अलावा कई बार लोग स्वाद की वजह से मैदा की बनी चीजें ज्यादा खा लेते हैं. ये भी एक वजन बढ़ने की वजह हो सकती है.

इंसुलिन रजिस्टेंस हो सकता है?

नूडल्स या मैदा की बनी चीजें ज्यादा खाने से आपको इंसुलिन रजिस्टेंस की समस्या हो सकती है. दरअसल इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी ज्यादा होता है जो ब्लड स्पाइक की वजह बनता है. जब अचानक ब्लड में शुगर बढ़ती है तो इसे कंट्रोल करने के लिए पैंक्रियाज ज्यादा मात्रा में इंसुलिन हार्मोन प्रोड्यूस करता है.

हार्ट डिजीज का खतरा

मैदा से बनी चीजों का सेवन जब आप नियमित रूप से करने लगते हैं तो इस वजह से शरीर में न सिर्फ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, बल्कि इससे वजन बढ़ता है और शुगर स्पाइक से लेकर सूजन बढ़ने तक की समस्या हो सकती है. इस तरह से आपके दिल पर भी नेगेटिव असर होता है. एक भी ये बताती है कि रिफाइंड अनाज के ज्यादा सेवन दिल की बीमारियों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply