
लखनऊ: युवा कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे समेत अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर लखनऊ पुलिस में लगातार प्रशासनिक कार्रवाई हो रही है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के बाद अब एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी तबादला कर दिया गया है। वहीं, पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
ACP रजनीश वर्मा को अपराध शाखा में भेजा गया
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में नाकामी और मामले में कथित लापरवाही को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की है। सोमवार को एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को इस पद से हटाकर एसीपी अपराध के पद पर भेज दिया गया। उनकी जगह अभिषेक पांडेय को हजरतगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह कैसरबाग में एसीपी के पद पर तैनात थे।
इसके अलावा गौरव उपाध्याय को एसीपी कैसरबाग बनाया गया है। अंकित कुमार को एसीपी महानगर की जिम्मेदारी के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
इससे पहले रविवार को डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया। डीसीपी मध्य के पद पर अर्पित विजयवर्गीय को तैनात किया गया है, जो इससे पहले बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक थे।
हाई कोर्ट पहुंचने के बाद फरार होने का दावा
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धा दुबे और उसके साथ फरार बताए जा रहे रश्मि तथा तनवीर उर्फ दानिश को पकड़ने की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, तीनों नेपाल से सोनौली सीमा के रास्ते भारत आए और लखनऊ हाई कोर्ट परिसर पहुंचे।
बताया गया है कि श्रद्धा वहां कुछ अधिवक्ताओं से मिली और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद वहां से निकल गई। इसके बाद उसके आगरा होते हुए सहारनपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये
आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी के बीच पुलिस ने उनके बारे में जानकारी देने पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा के बुर्का पहनकर गोरखपुर पहुंचने की जानकारी भी पुलिस को मिली थी। टीम ने उसकी लोकेशन के आधार पर तलाश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आई। हालांकि, फरार आरोपितों की मौजूदा लोकेशन और उनकी गिरफ्तारी को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
श्रद्धा ने खुद को बताया निर्दोष
इस मामले में श्रद्धा दुबे ने एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में खुद को निर्दोष बताया। उसने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या करार देते हुए दावा किया कि शिवा उसकी आंखों के सामने इमारत की चौथी मंजिल से नीचे कूदे थे। उसने अपनी बात के समर्थन में घटनास्थल के सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच करने की भी मांग की।
हालांकि, श्रद्धा के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, पुलिस मामले की जांच और आरोपितों की तलाश में जुटी है। अब तक सामने आए आरोपों और बयानों के आधार पर किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर
शिवा शर्मा हत्याकांड में लगातार हो रहे तबादलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को चर्चा में ला दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अब फरार आरोपितों को गिरफ्तार करने और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की चुनौती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपित को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।



