
मानसा: पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर गठित संघर्ष कमेटी और उनके पिता भीम सिंह के बीच मतभेद सामने आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे से पहले दोनों पक्षों के रुख में अंतर दिखाई दे रहा है। जहां संघर्ष कमेटी ने नशे के मुद्दे पर अमित शाह का विरोध करने की बात कही है, वहीं भीम सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह गृह मंत्री का सम्मान करते हैं और अपने घर आने पर उनका स्वागत करेंगे।
भीम सिंह का कहना है कि उनके बेटे को न्याय दिलाना सबसे महत्वपूर्ण है। वह चाहते हैं कि मामले की सीबीआई जांच हो, ताकि मौत से जुड़े तथ्यों और इसके पीछे की परिस्थितियों का पता चल सके।
संघर्ष कमेटी के फैसलों से नाराज हैं पिता
भीम सिंह के मुताबिक, 13 से 16 अक्टूबर तक संघर्ष कमेटी उनकी सहमति से काम कर रही थी। लेकिन 17 और 18 अक्टूबर को उन्हें कमेटी की गतिविधियों और फैसलों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कुछ साथियों के माध्यम से उन्हें कमेटी के निर्णयों के बारे में पता चला।
इस घटनाक्रम के बाद परिवार और कमेटी के बीच दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है। भीम सिंह ने कहा कि वह पंजाब के साथ हैं और अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए किए गए संकल्प पर कायम रहेंगे।
अमित शाह के स्वागत को तैयार परिवार, कमेटी करेगी विरोध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे के दौरान परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है। इसी को लेकर संघर्ष कमेटी और परिवार के रुख में अंतर सामने आया है।
संघर्ष कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह नशे के मुद्दे पर गृह मंत्री से सवाल करेगी और उनके दौरे का विरोध करेगी। दूसरी ओर, भीम सिंह ने कहा कि वह अमित शाह का सम्मान करते हैं। यदि उनके बेटे के मामले के कारण गृह मंत्री का विरोध होता है, तो इससे परिवार और उनके बेटे की छवि प्रभावित होगी।
भीम सिंह ने यह भी कहा कि यदि धरने में आने वाले किसी नेता का विरोध किया जाता है, तो वह उनसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने गृह मंत्री से अपील की कि विरोध करने वालों के गुस्से को उनके परिवार से जोड़कर न देखा जाए।
बेटे की मौत की CBI जांच की मांग
भीम सिंह ने कहा कि वह अमित शाह से मुलाकात के दौरान अपने बेटे की मौत के मामले की जल्द सीबीआई जांच कराने की मांग रखेंगे। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों की भूमिका सामने आए।
परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद से ही इस मामले को लेकर पंजाब में विरोध और न्याय की मांग जारी है। नशे के मुद्दे ने भी इस प्रकरण को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।
अब पत्नी मनप्रीत कौर संभालेंगी संघर्ष कमेटी की जिम्मेदारी
संघर्ष कमेटी के साथ मतभेदों के बीच भीम सिंह ने घोषणा की है कि अब उनकी बहू और परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर कमेटी की जिम्मेदारी संभालेंगी।
उन्होंने कहा कि आगे होने वाली बैठकों में उनकी जगह मनप्रीत कौर हिस्सा लेंगी। भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि वह मानसिक और आत्मिक रूप से मजबूत हैं और अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
इस बदलाव के बाद संघर्ष कमेटी की आगामी रणनीति और परिवार की भूमिका पर सभी की नजरें रहेंगी।
अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन सतर्क
गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए मानसा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर की अनाज मंडी में हेलीपैड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।
अमित शाह के परविंदर सिंह झोटा के परिवार से उनके आवास पर मिलने का कार्यक्रम बताया गया है। इस मुलाकात में परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग उठाए जाने की संभावना है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही है कि परिवार की न्याय की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है और संघर्ष कमेटी तथा परिवार के बीच मतभेद किस दिशा में जाते हैं।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित पक्षों के बताए गए रुख पर आधारित हैं। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई से जुड़े निष्कर्ष आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही तय होंगे।



