वाराणसी गए और सुबहएबनारस नहीं देखी तो क्या ही देखा. सुबह आरती, पूजा, प्रार्थनाओं, भक्ति संगीत, योग और नदी के पास सूर्योदय का नजारा मन को अंदर तक सुकून देता है. यहां आप असी घाट पर शांती से बैठकर इस शहर के असली खूबसूरती का आनंद लें. इसके अलावा आपको सनसेट के समय बोट राइडिंग करनी चाहिए. ये एक यादगार एक्सपीरियंस रहेगा.

बनारस में शाम की गंगा घाट की आरती को बिल्कुल भी मिस न करें. पहले से ही अपने बैठने के लिए कोई ऐसी जगह देख लें जहां से आपको आरती का साफ नजारा दिखाई दे सके. बोट में राइडिंग करते हुए आरती का आनंद लेना भी एक शानदार अनुभव रहता है.
असल बनारस तो गलियों में बसता है. यहां आएं तो आप मंदिर के आसपास की तंग गलियों में पैदल घूमना न भूलें. हालांकि आपको लोगों से रास्ता समझते हुए जाना चाहिए. इन गलियों में छोटे मंदिर, रेशमजरी वर्क की दुकानें, स्थानीय बाज़ार और पारंपरिक मोहल्ले देखने को मिलेंगे. आप चाहे तो गाइड की मदद ले सकते हैं.
बनारस को न सिर्फ यहां के मंदिरों और गंगा घाटों के लिए जाना जाता है, बल्कि देश से लेकर विदेशी पर्यटकों तक के बीच यहां का स्ट्रीट फूड खूब फेमस है.कचौड़ी और आलू की सब्जी, टमाटर चाट, मलाइयो, ठंडाई, लस्सी इसके अलावा बनारसी पान का स्वाद लेना बिल्कुल भी न भूलें.
बनारस की ट्रिप पर जाएं तो सारनाथ एक्सप्लोर करने के लिए कुछ वक्त जरूर निकालें. ये गोदौलिया चौक क्षेत्र से लगभग 8 से 10 किमी दूरी पर पड़ता है. ऑटो या कैब लेकर यहां पहुंच सकते हैं. अगर गर्म मौसम हो तो कोशिश करें कि सुबह जल्दी यहां घूमें, क्योंकि बौद्ध स्तूप परिसर और डियर पार्क में काफी चलना होता है.



